जनाना चिकित्सालय के जर्जर भवन पर फ्लोर निर्माण, एसीबी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
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करोड़ों खर्च कर जोखिम में डाले मरीज
उदयपुर, 17 दिसम्बर : महाराणा भूपाल चिकित्सालय के जनाना चिकित्सालय भवन पर जर्जर होने के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर उसके ऊपर एक और फ्लोर बनाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जांच करेगी। शहर विधायक ताराचंद जैन के लगातार प्रयासों के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव के माध्यम से एसीबी को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
जर्जर भवन पर निर्माण का विवाद
जनाना चिकित्सालय का भवन 50 वर्षों से पुराना है। प्रसुताओं की संख्या बढ़ने और जगह कम पड़ने के कारण सुविधाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी थी, फिर भी टेंडर जारी कर निर्माण कराया गया। निर्माण के कुछ समय बाद भवन दरकने लगा, जिससे गिरने का खतरा पैदा हो गया और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा।
आईआईटी रूड़की की रिपोर्ट और विभागीय जांच
विभागीय स्तर पर जांच में आईआईटी रूड़की की टीम ने भवन को बेहद जर्जर बताया और इसे तुरंत गिराने की सलाह दी। निर्माण के ऊपर बनाए गए फ्लोर को भी गलत बताया गया। विभागीय जांच में स्पष्ट किया गया कि भवन लगभग 60 वर्ष पुराना है और इसे नया बनाना चाहिए।
शहर विधायक ने उठाई गंभीर मांग
शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने मंत्री और विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
एसीबी जांच के आदेश
सरकार ने अब निर्देश जारी किए हैं। एनएचएम मिशन निदेशक ने एसीबी महानिदेशक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कराने को कहा। विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि अनुपयोगी भवन पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए भी सबक होगी।
