भगवान बिरसा मुण्डा के योगदान को आमजन तक पहुंचाना हमारा दायित्व: सीएम भजनलाल
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उदयपुर, 7 नवम्बर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने 19वीं शताब्दी के अंत में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर आजादी के आंदोलन को मजबूती दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के तहत देशभर में जनजातीय गौरव से जुड़े आयोजन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर मात्र तिथि नहीं, बल्कि जनजातियों के गौरव और संघर्ष की अमर स्मृति है।
राज्यस्तरीय समारोह की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में हो रहे आयोजनों की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने डूंगरपुर में प्रस्तावित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में जनभागीदारी बढ़ाने, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही छात्र-छात्राओं को बिरसा मुण्डा के जीवन, संघर्ष और बलिदान की जानकारी दी जाए।
जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित
सीएम ने कहा कि जनजाति आवासीय विद्यालयों में मेस भत्ता और मां-बाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में की गई वृद्धि राज्य सरकार की संवेदनशील नीतियों का प्रतिबिंब है। उन्होंने योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नेताओं ने दी दिशा-निर्देश
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने नई पीढ़ी को बिरसा मुण्डा की गौरव गाथा से अवगत कराने की आवश्यकता जताई। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लोग योजनाओं का लाभ लें। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़े के कार्यक्रमों और राज्यस्तरीय समारोह की तैयारियों पर चर्चा की। इस अवसर पर विधायक ताराचंद जैन, फूलसिंह मीणा, जिला प्रमुख ममता कुंवर सहित कई जिलों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
