महाराणा प्रताप और राणा सांगा के अपमान पर बर्दाश्त नहीं, करणी सेना राजनीति में उतरेगी: मकराना
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उदयपुर में बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष—नेताओं के बंधुआ मजदूर नहीं, महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष
उदयपुर, 23 जनवरी : श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि महाराणा प्रताप और राणा सांगा जैसे महापुरुषों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई उनके सम्मान के खिलाफ बोलेगा तो करणी सेना चुप नहीं बैठेगी और कड़ा जवाब देगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि करणी सेना का राजनीति में उतरने का निर्णय हो चुका है और संगठन अब राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएगा।
मकराना शुक्रवार को उदयपुर में देवड़ा नोबल्स सोसाइटी मेवाड़ द्वारा आयोजित डीपीएल-6 क्रिकेट प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि करणी सेना किसी राजनीतिक दल की बंधुआ मजदूर नहीं है और न ही किसी दबाव में काम करती है। संगठन का एकमात्र उद्देश्य महापुरुषों के सम्मान की रक्षा और समाज के हितों के लिए संघर्ष करना है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया द्वारा गोगुंदा में दिए गए बयान पर माफी मांगे जाने का करणी सेना ने संज्ञान लिया है, लेकिन भविष्य में इस तरह की बयानबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। मकराना ने बताया कि हरदोई में करणी सेना के राजनीतिक प्रवेश को लेकर घोषणा की जा चुकी है और इसकी रणनीति शीघ्र तय की जाएगी। उदयपुर आगमन पर करणी सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मकराना का भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्हें मेवाड़ी पगड़ी पहनाई गई और तलवार भेंट की गई। कार्यक्रम में संगठन के कई राष्ट्रीय और प्रादेशिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
