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काठमांडू एयरपोर्ट में कैद जैसे हालात, एयरपोर्ट पर डरे सहमे पर्यटक

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काठमांडू एयरपोर्ट में कैद जैसे हालात, एयरपोर्ट पर डरे सहमे पर्यटक

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पोखरा में फंसे उदयपुर के भाजपा नेता बोले- देखते ही देखते होटल जला दिया

उदयपुर, 10 सितम्बर

नेपाल में 8 सितम्बर से जारी हिंसात्मक आंदोलन ने हालात भयावह बना दिए हैं। उपद्रव और आगजनी के बीच चार हजार से ज्यादा राजस्थानी नागरिक नेपाल में फंसे हुए हैं। इनमें से अधिकांश पर्यटक हैं। करीब 700 लोग जयपुर के और 35 पर्यटक उदयपुर जिले के हैं।
काठमांडू एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों ने बताया कि हालात कैद जैसे हैं। उनका कहना है— “हम भूखे-प्यासे हैं, बाहर भीड़ लगातार आगजनी और उपद्रव कर रही है।” इस बीच उड़ानें निरस्त होने से यात्री वहीं फंसे हुए हैं।
पोखरा में फंसे उदयपुर के भाजपा नेता
उदयपुर के भाजपा नेता अनिल सिंघल परिवार सहित पोखरा शहर में फंसे हैं। उन्होंने बताया कि आज उनकी काठमांडू के लिए फ्लाइट थी, जो कैंसिल हो गई। “हमारे सामने ही भीड़ ने एक होटल में आग लगा दी। हालात बेहद डरावने हैं,” उन्होंने कहा।
उदयपुर का ग्रुप काठमांडू में अटका
उदयपुर से गया 31 लोगों का ग्रुप भी काठमांडू एयरपोर्ट पर रुका हुआ है। ग्रुप के सदस्य भगवतीलाल मेनारिया ने बताया कि वे 3 सितम्बर को उदयपुर से निकले थे और वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज होते हुए नेपाल पहुंचे थे। आगे गंगासागर और बिहार होकर 18 सितम्बर को उदयपुर लौटने का कार्यक्रम था, पर अब वे होटल में फंसे हैं। भारतीय दूतावास ने उन्हें फिलहाल इंतजार करने की सलाह दी है।
उदयपुर में अपनों की चिंता
उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर फंसे लोगों को सुरक्षित लाने की मांग की। वहीं, उदयपुर के रजनीश शर्मा ने बताया कि उनके भाई पवन कुमार शर्मा का मकान और दवा कारोबार काठमांडू में है। उपद्रव के दौरान उनकी दुकान बंद रही, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि, अन्य भारतीय कारोबारियों और घरों को नुकसान पहुंचा है।


भारतीय कारोबारियों पर असर

उदयपुर के पटेल सर्कल के समीप रहने वाले रजनीश शर्मा बताते है। कि अभी दो दिन से हालात सामान्य है। हालांकि दुकानें नहीं खुली। उनके बड़े भाई पवन कुमार शर्मा का मकान काठमांडू में है और वह दवा कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिजन भाग्यशाली रहे। जिस दिन हालात बिगड़े और आगजनी तथा तोड़फोड़ की घटनाएं हुई, तब उनके भाई की दुकान बंद थी। हालांकि भारतीय लोगों के कारोबार और उनके घरों को उपद्रवियों ने भारी नुकसान पहुंचाया। उनका कहना है कि यह बड़े ही आश्चर्च की बात है कि जब हर तरह के सोशल मीडिया पर रोक लगा दी, उसके बावजूद महज तीन—चार घंटे में समूचा नेपाल जल उठा। खास बात यह भी रहीं कि मारवाड़ी और मधेशी समुदाय के लोग इस आगजनी एवं तोड़फोड़ से बचे रहे।
खरसाण के यात्री होटल में सुरक्षित
नेपाल की यात्रा पर गए खरसाण एवं पानेरियों की मादड़ी से कुल 33 यात्रियों का जत्था पिछले दिनों काठमाण्डू के लिए निकला था। सोमवार को पहुंचने के बाद अगले दिन मंगलवार को उन्होंने पशुपतिनाथ के दर्शन किए। होटल में आराम कर रहे थे कि अचानक काठमाण्डू सुलग उठा। पशुपतिनाथ के अलावा वे कहीं नहीं जा सके। खरसाण के पूर्व सरपंच भगवती लाल मेनारिया एवं रमेश चंद्र ने बताया कि उपद्रव के चलते अभी तक होटल में फंसे हुए हैं। हालांकि सभी लोग सुरक्षित हैं।

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