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हाईकोर्ट बेंच की मांग पर अधिवक्ताओं का हल्ला बोल, धरना प्रदर्शन शुरू

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हाईकोर्ट बेंच की मांग पर अधिवक्ताओं का हल्ला बोल, धरना प्रदर्शन शुरू

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प्रधानमंत्री से मिलने की तैयारी, कानून मंत्री पर बरसे अधिवक्ता

उदयपुर, 19 सितम्बर: उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की पुरानी मांग को लेकर शुक्रवार से अधिवक्ताओं ने उग्र आंदोलन का आगाज कर दिया। मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति एवं बार एसोसिएशन के आह्वान पर जिला न्यायालय से रैली निकाली गई, जो चेतक सर्कल, पहाड़ी बस स्टैंड और सूचना केंद्र से होती हुई संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंची। यहां धरना प्रारंभ किया गया। बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ता भी तख्तियां और बैनर लेकर शामिल हुईं। जुलूस के दौरान “हाईकोर्ट बेंच लेकर रहेंगे”, “सरकार मुर्दाबाद” और “न्याय हमारा हक है” जैसे नारे गूंजते रहे। रास्ते में व्यापारियों और आम लोगों ने भी अधिवक्ताओं को हाथ हिलाकर समर्थन दिया।
संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना और बार एसोसिएशन अध्यक्ष चंद्रभान सिंह शक्तावत के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का समर्थन मिला। कांग्रेस, भाजपा, आप, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरने पर पहुंचकर एकजुटता जताई।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, रवीन्द्र श्रीमाली, विहिप रविकांत त्रिपाठी, कांग्रेस के पूर्व देहात जिलाध्यक्ष लाल सिंह झाला, विधायक पद प्रत्याशी दिनेश श्रीमाली, विवेक कटारा, कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष कचरू लाल चौधरी, शहर जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़, नगर निगम में प्रतिपक्ष के नेता रहे अरुण टाक, कांग्रेस शहर महिला अध्यक्ष नजमा मेवाफरेशान, विधि महाविद्यालय के डीन प्रो. आनंद पालीवाल, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ता नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि बीकानेर में हाईकोर्ट बेंच की घोषणा होती है तो उदयपुर को वंचित नहीं रखा जा सकता। ऐसा हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे।
संघर्ष समिति ने साफ किया कि उदयपुर व दक्षिण राजस्थान के लोगों को न्याय के लिए जोधपुर और जयपुर भटकना पड़ता है, जिससे समय, धन और ऊर्जा की भारी बर्बादी होती है। हाईकोर्ट बेंच से न केवल आमजन को त्वरित न्याय मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक व सामाजिक विकास के नए अवसर भी खुलेंगे।
धरना दिन-रात चलेगा और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। पुलिस ने धरना स्थल पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। अधिवक्ताओं की योजना है कि 25 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांसवाड़ा दौरे पर प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलकर उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को सीधे उनके समक्ष रखेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि उदयपुर को इस घोषणा से अलग रखा गया तो आंदोलन और उग्र होगा तथा भाजपा को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
धरना स्थल पर श्री झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत उदयपुर के अध्यक्ष प्रताप राय चुग, श्री तैलिक साहू समाज पंच महासभा के अध्यक्ष हेमेंद्र साहू, मालवीय लोहार समाज समिति के अध्यक्ष चंपालाल लोहार, खटीक समाज पंच महासभा समिति के अध्यक्ष भगवान प्रकाश चौहान, करणी सेवा के परमवीर सिंह, सिख समाज के अमर सिंह पाहवा, कायस्थ समाज के अमित श्रीवास्तव, कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव शंकर लाल चौधरी एवं राजेश सिंघवी, प्रजापत समाज के प्रकाश प्रजापत, अग्रवाल समाज के प्रकाश अग्रवाल, लकड़वास के सरपंच जागूराम मेनारिया, मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के महासचिव किशन सोनी, सेन समाज विकास संस्थान के अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश बारबर, पूर्व बार अध्यक्ष शंभू सिंह राठौड़ आदि ने हाईकोर्ट बेंच को मेवाड़-वागड़ के लिए आवश्यक बताया। हाईकोर्ट बेंच स्थापना आंदोलन को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, उदयपुर ने जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत ‘गढ़पुरा’ के नेतृत्व में पूर्ण समर्थन दिया।

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