कई कार्यालय बंद तो कई कर्मचारी नदारद
Share
उपखंड अधिकारी–तहसीलदार का औचक निरीक्षण
बांसवाड़ा, 27 दिसम्बर: बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखण्ड में शुक्रवार को उपखंड अधिकारी राकेश कुमार न्योल एवं तहसीलदार शंकरलाल मईडा द्वारा संयुक्त रूप से किए गए औचक निरीक्षण में सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। निरीक्षण के दौरान कई कार्यालयों पर ताले लटके मिले तो अनेक अधिकारी व कर्मचारी कार्यस्थल से नदारद पाए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग खंड कुशलगढ़ में सुबह 10:30 बजे निरीक्षण के समय कार्यालय के मुख्य द्वार सहित अंदर भी ताले लगे मिले। कनिष्क अभियंता डिंपल डामोर को फोन कर बुलाकर ताले खुलवाए गए। वहीं दूसरे कनिष्ठ अभियंता अनिल पटेल बिना स्वीकृति के अवकाश पर पाए गए। कनिष्ठ सहायक महेश कटारा भी 10:45 बजे कार्यालय पहुंचे। निरीक्षण में कार्यालय की सफाई अव्यवस्थित, रिकॉर्ड्स का रखरखाव कमजोर तथा दस्तावेजों पर दीमक लगी हुई पाई गई।
इसके बाद सहायक निदेशक कृषि विस्तार केंद्र भी बंद मिला। सहायक निदेशक छगनलाल दामा ने पंचायत समिति सभागार में मासिक बैठक होने की जानकारी दी। वन विभाग रेंजर कार्यालय कुशलगढ़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी गिरीश लबाना अनुपस्थित थे। कार्यालय में मौजूद कामिनी पंचाल ने एसीएफ के साथ फील्ड विजिट की जानकारी दी। वनरक्षक सरोज कटारा भी 23 दिसंबर के बाद से अनुपस्थित पाई गई।
उप स्वास्थ्य केंद्र बड़वास बड़ी में सीएचओ रितेश मेरावत एवं एएनएम सरोज दोनों अनुपस्थित मिले। वनपाल नाका टिमेडा बड़ा पर भी ताले लटके मिले। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिमेडा बड़ा में नर्सिंग ऑफिसर सूकली गरासिया बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित पाई गई। रजिस्टर में दर्ज मरीजों के बावजूद मौके पर कोई भर्ती मरीज नहीं मिला। लेबर रूम की सफाई एवं शौचालयों की स्थिति भी अत्यंत खराब पाई गई, जिस पर उपखंड अधिकारी ने बीसीएमओ को जांच के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त पशुपालन कार्यालय में पशु चिकित्सक तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी कार्यालय में सहायक अभियंता बंसीलाल कटारा, कनिष्क अभियंता नगिन लबाना एवं कनिष्क सहायक बहादुर डिंडोर अनुपस्थित पाए गए। कनिष्क अभियंता नगिन लबाना 15 दिसंबर से बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित बताए गए। निरीक्षण में सामने आई व्यापक लापरवाही को लेकर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
