डूंगरपुर में मनरेगा का 280 करोड़ का भुगतान अटका
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तीन साल से सामग्री मद बकाया, मेट-कारीगरों को भी एक साल से नहीं मिली मजदूरी
डूंगरपुर, 14 दिसम्बर: डूंगरपुर जिले में महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में बजट की भारी कमी गंभीर समस्या बन गई है। जिले में सामग्री मद के तहत पिछले तीन वर्षों से करीब 280 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। इसके अलावा मेट और कारीगरों का भी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान बीते एक साल से लंबित पड़ा है।
इस समस्या को लेकर पहले सरपंचों और बाद में प्रशासकों ने कई बार शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। बांसवाड़ा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने बकाया भुगतान को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं।
डूंगरपुर जैसे आदिवासी और गरीब बहुल जिले में नरेगा योजना लोगों के लिए रोजगार की संजीवनी मानी जाती है। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने में डूंगरपुर जिला प्रदेश में अव्वल रहा था, जहां 62 हजार से अधिक श्रमिकों ने 100 दिन का काम पूरा किया।
इसके बावजूद बजट के अभाव में न केवल नरेगा कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि मेट और कारीगरों को भी लंबे समय से मेहनताना नहीं मिल पाने से उनकी आर्थिक स्थिति पर संकट गहराता जा रहा है।
