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मोहनलाल को मिलेगा दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड: बोले- यह सम्मान पूरी मलयालम इंडस्ट्री का है

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मोहनलाल को मिलेगा दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड: बोले- यह सम्मान पूरी मलयालम इंडस्ट्री का है

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मुम्बई, 20 सितम्बर: भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के लिए वर्ष 2023 का पुरस्कार मलयालम फिल्मों के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को दिया जाएगा। इस बात की घोषणा शनिवार को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा की गई।
चार दशकों से अधिक समय से अभिनय में सक्रिय मोहनलाल को ‘द कम्प्लीट एक्टर’ कहा जाता है। उन्होंने न केवल मलयालम, बल्कि तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में भी अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी है। 1980 में फिल्म ‘मंजिल विरिंजा पूक्कल’ से करियर की शुरुआत करने वाले मोहनलाल ने अब तक 350 से अधिक फिल्मों में काम किया है।
पुरस्कार की घोषणा के बाद मोहनलाल ने भावुक होते हुए कहा, “यह मेरे जीवन का गर्व का क्षण है। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि पूरी मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का है। मैं अपने दर्शकों और उन सभी निर्देशकों-लेखकों का आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया।”
उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘कलापानी’, ‘भरथम’, ‘वनप्रस्थम’, ‘लूसिफर’ जैसी सफल फिल्में शामिल हैं। गहराई और सहजता से भरे अभिनय के चलते उन्हें ‘लालेट्टन’ कहकर पुकारा जाता है। मोहनलाल को पहले ही 5 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें इस पुरस्कार के लिए बधाई दी। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मोहनलाल ने दशकों से न सिर्फ मलयालम सिनेमा, बल्कि थिएटर और भारतीय संस्कृति को नई ऊंचाइयां दी हैं। वे केरल की संस्कृति के सच्चे प्रतिनिधि हैं।”
दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड की शुरुआत 1969 में हुई थी। पहला पुरस्कार देविका रानी को मिला था। यह पुरस्कार जीवन भर के फिल्मी योगदान के लिए दिया जाता है। अब तक 54 कलाकारों को यह सम्मान मिल चुका है। 2024 में यह अवॉर्ड मिथुन चक्रवर्ती को मिला था।
पुरस्कार के तहत मोहनलाल को स्वर्ण कमल, 10 लाख रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान की जाएगी। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनकी अनूठी और बहुआयामी भूमिका को दर्शाता है।

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