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सबसे ज्यादा शिकायतें एफआईआर दर्ज नहीं करने की : कुड़ी

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सबसे ज्यादा शिकायतें एफआईआर दर्ज नहीं करने की : कुड़ी

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पुलिस की जवाबदेही पर सख्त रुख अपनाएगी समिति
उदयपुर, 17 अक्टूबर:
राजस्थान पुलिस जवाबदेही समिति के अध्यक्ष एच.आर. कुड़ी ने शुक्रवार को उदयपुर दौरे के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से सबसे अधिक शिकायतें थानों में एफआईआर दर्ज न करने को लेकर आ रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि एफआईआर दर्ज करना पुलिस का कानूनी दायित्व है और इसे लेकर लापरवाही को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कुड़ी ने बताया कि समिति को डीएसपी से लेकर डीजीपी तक के खिलाफ दुराचार और लापरवाही की शिकायतें मिलती हैं। ऐसे मामलों में समिति जांच कर राज्य सरकार को अग्रिम कार्रवाई की सिफारिश भेजती है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है, इसलिए उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
थाने के सीसीटीवी फुटेज देने से नहीं बच सकती पुलिस
अध्यक्ष कुड़ी ने यह भी स्पष्ट किया कि थानों के सीसीटीवी फुटेज नागरिकों का अधिकार हैं और पुलिस को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे जाने पर उन्हें उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों ने इस पर निर्देश दिए हैं। यदि पुलिस फुटेज देने से इंकार करती है, तो यह दुराचारण की श्रेणी में आता है।”
उदयपुर सहित प्रदेशभर में शिकायतों की लंबी सूची
कुड़ी ने बताया कि राज्यभर में पुलिस के खिलाफ आने वाली प्रमुख शिकायतों में एफआईआर दर्ज न करना, नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार, बिना वारंट गिरफ्तारी, तथा महिला पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति में महिलाओं को हिरासत में लेना जैसी बातें शामिल हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे नियमों की पूर्ण पालना करें और जनता का विश्वास कायम रखें।
समीक्षा में सामने आई पुलिसिंग में कमी
राजस्थान राज्य पुलिस जवाबदेही समिति के अध्यक्ष एच.आर. कुड़ी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि समिति आमजन के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझती है और पुलिस अधिकारियों को भी आमजन की शिकायतों से अवगत कराती है। कुड़ी ने बताया कि पुलिस के दुराचरण की शिकायतों की जांच सिविल कोर्ट की तरह की जाती है और इसकी सिफारिशें राज्य सरकार को भेजी जाती हैं। जिला स्तर पर अभी पुलिस जवाबदेही समितियों का गठन नहीं हुआ है, इसलिए कांस्टेबल से लेकर डीजी पुलिस तक से संबंधित शिकायतें सुनी जाती हैं।
पुलिस दुराचार की शिकायत लेकर पहुंची महिला
जनसुनवाई में एक महिला ने शिकायत की कि पुलिसकर्मी लगातार उसके घर में घुसकर तलाशी लेते हैं और मारपीट करते हैं। इसके अलावा साइबर ठगी का शिकार एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी के बैंक खाते से पैसे निकाल लिए गए, पर पुलिस कोर्ट के आदेश के बावजूद बैंक को पत्र नहीं भेज रही है। इस पर कुड़ी ने एडिशनल एसपी उमेश ओझा को शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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