भीलवाड़ा में मुस्लिम युवक ने निभाई हिंदू महिला की अंतिम यात्रा
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भीलवाड़ा, 15 सितंबर: गांधी नगर जंगी चौक निवासी 67 वर्षीय शांति देवी की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाने वाला कोई नहीं था। ऐसे में उन्हें मां की तरह मानने वाले मुस्लिम युवक असगर अली खान ने पहल करते हुए उनकी अर्थी को कंधा दिया और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
असगर के साथ मोहल्ले के अशफाक कुरैशी, शाकिर पठान, फिरोज कुरैशी, आबिद कुरैशी, असगर पठान, इनायत और जाबिद कुरैशी ने भी मदद की। शांति देवी की अर्थी को मोक्ष रथ से श्मशान तक ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान मोहल्ले की मुस्लिम महिलाएं भी भावविभोर होकर रो पड़ीं।
असगर ने बताया कि वे शांति देवी को बचपन से मां जैसा मानते थे। 2018 में उनके अपने तीन बेटियों और एक बेटे के निधन के बाद शांति देवी अकेली रह गई थीं। उन्होंने असगर का हमेशा ध्यान रखा और उसकी रोजमर्रा की चिंता की।
असगर अली खान ने कहा कि अब वे शांति देवी की अस्थियाँ त्रिवेणी संगम या मातृकुंडिया में विसर्जित करेंगे। उनका कहना है कि माता-पिता का इंतकाल हो चुका है, लेकिन शांति देवी ने उन्हें मां जैसा प्यार दिया, इसलिए वे अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी पूरी श्रद्धा और भावनाओं के साथ निभाना चाहते थे।
यह घटना भीलवाड़ा में सामाजिक सद्भाव और मानवता का प्रतीक बनी है, जहाँ धर्म भेदभाव से परे, मानवीय संबंध और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी गई।
