नेशनल हाईवे 48 होगा निराश्रित गौवंश से मुक्त
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पंचायतों को सौंपी जिम्मेदारी, पालकों को पांच दिन का अल्टीमेटम
उदयपुर, 9 नवम्बर: नेशनल हाईवे 48 पर निराश्रित गौवंश के कारण हो रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। हाईवे पर घूम रहे गौवंश को हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए अब विशेष अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन की ओर से हाईवे से सटी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निराश्रित गौवंश की पहचान कर उन्हें नजदीकी गौशालाओं तक पहुंचाएं। इसके साथ ही गौवंश पालकों को पांच दिन का समय दिया गया है ताकि वे अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ने के बजाय अपने बाड़ों में रखने की व्यवस्था करें।
निर्धारित समय सीमा के बाद यदि कोई गौवंश हाईवे पर पाया जाता है तो संबंधित ग्राम पंचायत उन्हें तुरंत नजदीकी गौशाला में भेजने की कार्रवाई करेगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य हाईवे पर बढ़ते दुर्घटनाओं को रोकना और आवारा पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने बताया कि बीते कुछ महीनों में निराश्रित गौवंश के कारण कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिससे जनहानि और वाहन क्षति की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में यह निर्णय सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
कुंभलगढ़ क्षेत्र की लाम्बोड़ी ग्राम पंचायत के प्रशासक सुमन कंवर का कहना है कि उनके क्षेत्र में निरात्रित गौवंश को हटाने के लिए उन्होंने गौ पालकों को पांच दिन का समय दिया है। यदि उनका निजी गौवंश है तो वह उन्हें अपने घर ले जाएं। यदि ऐसा नहीं होता है तो गौवंश को निराश्रित मानते हुए संत पीपाजी गौशाला भेज दिया जाएगा। ऐसे गौवंश पर मालिकाना हक भी गौशाला का रहेगा।
