NCERT मॉड्यूल विवाद: जिन्ना, कांग्रेस और माउंटबेटन को बताया बंटवारे का दोषी
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नई दिल्ली, 16 अगस्त (उदयपुर डिजीटल डेस्क): NCERT ने कक्षा 6 से 12 तक के लिए भारत-पाकिस्तान विभाजन पर दो नए मॉड्यूल जारी किए हैं। इनमें मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस और लॉर्ड माउंटबेटन को बंटवारे का दोषी ठहराया गया है। कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि असल दोषी हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग थे।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि अगर इतिहास का सबसे बड़ा विलेन है तो वह RSS है, जिसने उस दौर में 25 साल ‘मुखबंदी’ कर गुजारे। अखिलेश यादव ने कहा कि इतिहास में माफी मांगने वालों की सच्चाई सामने है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने NCERT को बहस की चुनौती दी और कहा कि आज यह संस्था बीजेपी के कब्जे में है। RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि इतिहास किसी की सोच से नहीं बदलता, बीजेपी सिर्फ नफरत की राजनीति करती है।
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि बंटवारा रोकने की जिम्मेदारी कांग्रेस और मुस्लिम लीग की थी। गौरव भाटिया ने जिन्ना और राहुल गांधी की सोच को समान बताया।
मॉड्यूल में पंडित नेहरू का जुलाई 1947 का भाषण भी जोड़ा गया है, जिसमें उन्होंने कहा था— “हमें या तो विभाजन स्वीकार करना होगा या फिर अराजकता झेलनी होगी।” इसमें बंटवारे से हुए कत्लेआम, विस्थापन, पंजाब-बंगाल की तबाही और कश्मीर में आतंकवाद का उल्लेख भी है।
ये मॉड्यूल नियमित सिलेबस का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरक सामग्री होते हैं, जिन्हें चर्चाओं, पोस्टर्स और वाद-विवाद के जरिए पढ़ाया जाता है। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भी ऐसा ही मॉड्यूल जारी हुआ था। प्रस्तावना में PM नरेंद्र मोदी के शब्द भी शामिल किए गए हैं— “बंटवारे का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता। लाखों लोग विस्थापित हुए और नफरत की हिंसा में कई जानें गईं। इसी स्मृति में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है।”
