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उदयपुर में नाइट टूरिज्म: सुरक्षा इंतजामों के बिना नहीं संभव

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उदयपुर में नाइट टूरिज्म: सुरक्षा इंतजामों के बिना नहीं संभव

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दिन में भी पुलिस फोर्स पूरी नहीं, रात में पर्यटक सुरक्षा चुनौतीपूर्ण
उदयपुर, 4 नवम्बर:
उदयपुर में नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयासों के बावजूद, सुरक्षा इंतजामों की कमी इसे धरातल पर लागू करना मुश्किल बना रही है। झीलों की नगरी में दिन के समय भी पुलिस के पास पर्याप्त फोर्स नहीं है, ऐसे में रात में देसी और विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण है।
पर्यटन बढ़ रहा, सुरक्षा इंतजाम नहीं
बीते डेढ़ दशक में उदयपुर ने देश और दुनिया में पर्यटन की ख्याति हासिल की है। शहर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के कारण भी आगंतुकों की संख्या बढ़ी है। पर्यटन विभाग ने नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई बैठकें और योजना तैयार की हैं, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कानून और सुरक्षा विशेषज्ञ की चेतावनी
कानून एवं सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक धरातल पर सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर की आवश्यकताओं का अध्ययन नहीं होगा, नाइट टूरिज्म की योजना सफल नहीं हो सकती। उदयपुर पुलिस वर्तमान में दिन की कानून व्यवस्था भी पूरी तरह संभाल नहीं पा रही, ऐसे में रात में सुरक्षा की जिम्मेदारी और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।
पुलिस फोर्स की कमी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा के अनुसार, वर्तमान में उदयपुर पुलिस को दिन की सुरक्षा के लिए 500-700 अतिरिक्त जवान चाहिए। नाइट टूरिज्म शुरू करने के लिए और 150-200 जवानों की आवश्यकता है। यदि यह फोर्स आज उपलब्ध करा दी जाए, तो नाइट टूरिज्म को तत्काल शुरू किया जा सकता है।
पर्यटक सुविधाओं की कमी और विरोध
पर्यटन विभाग ने रात्रिकालीन सुविधाओं बढ़ाने के लिए कई बार प्रस्ताव दिया, लेकिन रात 10-11 बजे के बाद शहर में बाजार बंद हो जाते हैं और पर्यटकों के लिए खाने-पीने व अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती। इसके अलावा, फतहसागर झील के आसपास नए चौपाटी बाजार जैसे प्रस्तावों पर पर्यावरणविदों और पक्षी प्रेमियों का विरोध भी योजनाओं को प्रभावित करता रहा है।

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