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मोटापे से बढ़ रहा महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा

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मोटापे से बढ़ रहा महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा

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आईसीएमआर अध्ययन का खुलासा, देर से शादी और गर्भावस्था भी बड़ा कारण
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 21 दिसम्बर:
मोटापा अब केवल जीवनशैली से जुड़ी समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों का बड़ा कारण बनता जा रहा है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अहम अध्ययन में सामने आया है कि मोटी महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम सामान्य महिलाओं की तुलना में कहीं अधिक होता है। शोध के अनुसार मोटापे के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है, जो स्तन कैंसर की आशंका को बढ़ाता है। विशेषज्ञों ने इसे गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी बताते हुए समय रहते सावधानी और जांच पर जोर दिया है।
आईसीएमआर के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इन्फार्मेटिक्स एंड रिसर्च (एनसीडीआईआर), बेंगलुरु की टीम ने इस अध्ययन में 31 विभिन्न शोधों की समीक्षा की। इनमें कुल 27,925 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जिनमें से 45 प्रतिशत महिलाओं में स्तन कैंसर की पुष्टि हुई। अध्ययन ‘कैंसर एपिडेमियोलॉजी’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें बताया गया कि मोटापा, प्रजनन समय, हार्मोनल बदलाव और पारिवारिक इतिहास भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रमुख जोखिम कारक हैं। भारत में महिलाओं में पाए जाने वाले कैंसरों में स्तन कैंसर शीर्ष तीन में शामिल है और इसके मामलों में हर साल लगभग 5.6 प्रतिशत की वृद्धि की आशंका जताई गई है।
शोधकर्ताओं के अनुसार जिन महिलाओं में 50 वर्ष की उम्र के बाद रजोनिवृत्ति होती है, उनमें स्तन कैंसर का खतरा अधिक रहता है। अधिक उम्र में शादी, 30 वर्ष के बाद पहली गर्भावस्था, बार-बार गर्भपात और अत्यधिक तनाव भी जोखिम बढ़ाते हैं। विश्लेषण में यह भी पाया गया कि 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में जोखिम तीन गुना तक बढ़ जाता है, जबकि 35 से 50 वर्ष की महिलाओं में यह 1.63 गुना अधिक है। विशेषज्ञों ने 30 से 40 वर्ष की आयु में नियमित स्क्रीनिंग को बेहद जरूरी बताया है, ताकि समय रहते बीमारी की पहचान और इलाज संभव हो सके।
बढ़ रहा महिलाओं में मोटापा
मोटापा अब सिर्फ दिखावे की बात नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है। डायरेक्टोरेट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार देश में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे हार्ट डिजीज , डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ गया है। यह समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर रही है, लेकिन महिलाओं में इसका स्तर पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक शहरों में 2005-06 में महिलाओं में मोटापे की दर सिर्फ 18.4% थी, जो 15 सालों में 24% हो गई। इससे साफ पता चलता है कि देश में महिलाओं में मोटापा बहुत तेजी से बढ़ रहा है, और यह राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है।

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