‘आदिवासी समाज को स्वाभिमान से जीने का अवसर मिले, यही हमारी प्रतिबद्धता’
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प्रधानमंत्री ने संबोधन में किया गोविंद गुरु, बांसिया भील का स्मरण
कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोप, अपनी सरकार के गिनाए काम
बांसवाड़ा, 24 सितम्बर (उदयपुर डेस्क): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आदिवासी समाज को स्वाभिमान से जीने का अवसर मिले, यह हमारी प्रतिबद्धता है। आदिवासी की आस्था, आत्म सम्मान, संस्कृति की रक्षा हमारा संकल्प है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार की ओर से बीते 11 वर्षों में किए गए कार्यों का उल्लेख कर कहा कि आज देश तेज गति से काम कर रहा है। आज राजस्थान, एमपी, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में 90 हजार करोड़ रुपए से अधिक के बिजली प्रोजेक्ट आरंभ हुए। एक साथ ऐसा आरंभ होना यह दिखाता है कि देश बिजली की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा जिले के नापला में माही परमाणु बिजलीघर परियोजना के शिलान्यास के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर कहा कि आदिवासी भाई-बहन जंगल के संसाधनों का उपयोग करते आए हैं। गोविंद गुरू, बांसिया भील का स्मरण कर मोदी ने कहा कि वन धन योजना से वनोपज के उत्पादों को बाजार से जोड़ा है। देश में वनोपज में रिकाॅर्ड बढ़ोतरी हुई है। धार में पीएम पार्क आरंभ किया है, इससे आदिवासी, कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ होने वाला है। भाजपा के प्रयासों से आज गरीब आदिवासी की बेटी द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनी है। मुर्मू ने आदिवासी में अति पिछड़े लोगों के उत्थान की बात कही। केंद्र सरकार जनमन योजना में आदिवासी को प्राथमिकता दे रही है। धरती आबा जनजाति उत्कर्ष योजना से जनजाति गांवों को आधुनिक बना रहे है। इसका लाभ पांच करोड़ आदिवासियों तक पहुंचेगा। सैकड़ों एकलव्य आदिवासी माॅडल स्कूल खोले जा रहे है। वन अधिकारों को मान्यता दी।
कांग्रेस ने नहीं दिया बिजली के महत्व पर ध्यान
मोदी ने कहा कि बांसवाड़ा में राजस्थान एटोमिक पावर प्रोजेक्ट के शिलान्यास सहित सोलर एनर्जी का उद्घाटन भी हुआ है। सोलर से परमाणु ऊर्जा तक देश नई ऊंचाई तक जा रहा है। विकास की गाड़ी बिजली से दौड़ती है। बिजली है तो उजाला है। गति है, प्रगति है। बिजली से दूरियां मिटती है और दुनिया हमारे पास होती है। कांग्रेस की सरकार ने बिजली के महत्व पर ध्यान नहीं दिया। 2014 में जब दायित्व संभाला, तब देश के ढाई करोड़ घर ऐसे थे, जिनमें बिजली कनेक्शन नहीं था। आजादी के 60 साल बाद भी देश के 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी। गांवों में तो चार-पांच घंटे बिजली आना बड़ी बात होती थी। बिजली नहीं होनेे से नए उद्योग नहीं लग पाते थे। 2014 में हमारी सरकार ने इन हालाातों को बदलने का संकल्प लिया। हर गांव तक बिजली पहुंचाई। ढाई करोड़ घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया। बिजली पहुंचने से जिन्दगी आसान हुई। नए उद्योग पहुंचे। 21 सदी में देश को तेज गति से विकास करना है तो बिजली उत्पादन बढ़ाना ही होगा। इसमें भी वही आगे होंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा में आगे होंगे। आज सोलर पैनल लग रहे हैं। किसानों को सस्ती बिजली के लिए खेतों में सोलर पंप लगा रहे हैं। कई राज्यों में सोलर प्रोजेक्ट का उद्घाटन होने से लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। घर में पीएम सूर्यघर योजना और खेतों में पीएम कुसुम योजना संचालित है। लाभार्थियों से बात की। उनके अनुभव उत्साहवर्धक थे। सौर उर्जा वरदान साबित हो रही है। राजस्थान के लोगों के लिए 30 हजार करोड़ की अन्य परियोजनाओं को शुरू किया है।
भाजपा ने बदला माहौल
मोदी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस राज में जल जीवन मिशन को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। महिला अत्याचार, बलात्कारियों को सरंक्षण दिया जाता था। बांसवाडा, डूंगरपुर, प्रतापगढ में अपराध और अवैध शराब का कारोबार खूब पनपा। जनता ने भाजपा को मौका दिया तो कानून व्यवस्था को मजबूत किया। आज राजस्थान में हाईवे, एक्सप्रेस वे का जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि में त्रिपुरा सुंदरी की धरा पर आने का अवसर मिला। वागड़-कांठल की मां माही के दर्शन हुए। महानायक गोविंद गुरू के प्रेरणादायी नेतृत्व में जो अलख जगाई, माही का पवित्र जल उस महागाथा का साक्षी है। मां त्रिपुरा सुंदरी और माही को नमन करता हूं। महाराणा प्रताप, राजा बांसिया भील का पुण्य स्मरण कर नमन करता हूं। नवरात्रि में मां के नव स्वरूपों की आराधना करते हैं। मोदी ने संबोधन मां त्रिपुरा सुंदरी, बेणेश्वर धाम, मानगढ़ धाम का जयकारा और जय गुरू, राम-राम कहते हुए आरंभ किया और भारत माता के जयकारे के साथ समापन किया।
राजस्थान सौर ऊर्जा में अव्वल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभा में कहा कि राजस्थान सौर ऊर्जा में देश में अव्वल है। सूर्यघर योजना का लाभ हजारों लोगों को मिल चुका है। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान में दस हजार स्थानों पर भूजल रिचार्ज का कार्य कराया है। एक पेड़ मां के नाम अभियान में 50 करोड़ का लक्ष्य रखकर दो साल में 19 करोड़ पौधे राज्य में लगा चुके हैं। युवाओं को नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। 75503 पदों पर नियुक्ति दी जा चुकी है। 154000 पदों पर नियुक्ति देने की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है। नौ लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं। इसमें अधिकांश आदिवासी महिलाएं भी हैं। धार्मिक और ऐतिहासिक स्थानों का पर्यटन सर्किट बना रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने हजारों करोड़ की योजनाओं का रिमोट का बटन दबाकर शिलान्यास किया। साथ ही राजस्थान की सड़क, बिजली, ऊर्जा, पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं तथा राज्य सरकार की रोजगार संबंधी पहल से जुड़े वीडियो भी प्रसारित किए गए। राजस्थान की तीन नई वंदे भारत एक्सपे्रस को हरी झंडी दिखाई। दो अभ्यर्थियों कनिष्ठ सहायक पप्पू कलासुआ बांसवाड़ा और पिण्डारमा की पषु परिचर पद पर चयनित दक्षा कुमारी पाटीदार को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र दिए गए।
तीर कमान और मानगढ़ की पेंटिंग भेंट
इससे पहले प्रधानमंत्री जीप में सवार होकर सभास्थल पहुंचे। उनके साथ मुख्यमंत्री, दोनों उप मुख्यमंत्री भाजपा प्रदेश अध्यक्ष थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनकी तस्वीर पर अर्पित की पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री शर्मा ने शाॅल ओढ़कर और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मानगढ़ धाम की पेंटिंग भेंट की, जिसे डूंगरपुर के प्रवीण बरंडा ने बनाई है। जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक शंकरलाल डेचा और कैलाश मीणा ने तीर कमान भेंट किया। मंच पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड, सांसद सीपी जोशी, चुन्नीलाल गरासिया, सांसद मन्नालाल रावत आदि मौजूद रहे। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गरासिया, पूर्व मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीया, धनसिंह रावत, दलीचंद मईड़ा, भीमा भाई, दिनेश भट्ट, गोविंदसिंह राव, लाभचंद पटेल, गौरवसिंह राव, नरेंद्र वैष्णव सहित प्रदेश और बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और प्रतापगढ़ जिलों की कार्यकारिणी के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी सम्मिलित हुए।
खचाखच भरे पाण्डाल
मोदी की सभा में अपार जन समूह उमड़ा। तीन विशाल पाण्डाल खचाखच भर गए थे। इसके बाद भी लोग पगडंडियों, खेतों से होते हुए सभास्थल पर पहुंचने के लिए कदम बढ़ाते रहे। वहीं वाहनों में संत मावजी और गोविंद गुरू के गीत और भजनों को गाते हुए लोग नापला पहुंचे। बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने भी जमकर उद्घोष लगाए। युवा कार्यकर्ताओं में भी जोश दिखाई पड़ा। डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ से भी लोग पहुंचे। वहीं अन्य जिलों से आए कई वाहनों को अत्यधिक भीड़ के कारण पाड़ला चौराहे से ही वापस रवाना कर दिया गया। सभास्थल पर कई लोग अपने साथ प्रधानमंत्री के पेन्सिल से बने स्कैच लेकर भी आए। वहीं एक बच्चा तो नरेंद्र मोदी के वेश में अपने परिजनों के साथ पहुंचा और आकर्षण का केंद्र बना रहा।
