उदयपुर के कोटड़ा में ओवरलोड जीपें बनीं जानलेवा
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7 सीटर में 30 सवारियां, खाई में गिरने से 3 की मौत के बाद भी प्रशासन बेपरवाह
उदयपुर, 22 जनवरी: राजस्थान के आदिवासी बहुल उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र में ओवरलोड जीपों का खतरनाक संचालन अब जनजीवन के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। हालात यह हैं कि 7 सीटर जीपों में 25 से 30 सवारियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। जीप के बोनट, छत और पीछे तक यात्री लटकाकर ले जाए जाते हैं, जबकि ड्राइवर के दोनों ओर खिड़कियों पर भी सवारियां टंगी रहती हैं। इसके बावजूद परिवहन और यातायात विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
चिंताजनक बात यह है कि बुधवार को कोटड़ा के डिंगावरी क्षेत्र में 27 सवारियों से भरी एक ओवरलोड जीप चढ़ाई के दौरान ब्रेक फेल होने से करीब 60 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 19 यात्री घायल हुए, जिनमें 9 की हालत गंभीर बनी हुई है। इसके बावजूद उसी इलाके से हादसे के बाद भी ओवरलोड वाहन बेरोकटोक गुजरते रहे, लेकिन पुलिस और यातायात विभाग मूकदर्शक बने रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटड़ा–उदयपुर रोड पर केवल दो बसों का ही संचालन हो रहा है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से गुजरने वाले इस मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन के साधन बेहद सीमित हैं। ऐसे में मजबूरीवश आदिवासी क्षेत्र के लोग ओवरलोड जीपों में जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। आर्थिक रूप से पिछड़े इस इलाके के लोग रोजी-रोटी, इलाज और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए शहर की ओर जाते हैं।
लोगों का मानना है कि हादसे के बाद भी कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है। यदि समय रहते ओवरलोडिंग पर सख्त नियंत्रण, वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था और नियमित निगरानी नहीं की गई, तो ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे।
