चरागाह भूमि घोटाला: पूर्व सरपंच सहित छह के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश
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उदयपुर, 6 जनवरी: ग्राम पंचायत बेदला की चरागाह भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर अपात्र व्यक्तियों को पट्टे जारी करने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई की है। एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने जांच पूर्ण कर तत्कालीन सरपंच सहित छह आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत न्यायालय में चालान पेश किया है।
एसीबी सूत्रों के अनुसार तत्कालीन सरपंच बंशीलाल कुम्हार और तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव ओंकार सिंह चौहान ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 1989 से 1991 के बीच ग्राम पंचायत बेदला की चरागाह (चरनोट) भूमि पर 60 अपात्र व्यक्तियों को बापी पट्टे जारी किए। यह पट्टे नियमों की अवहेलना कर बिना सक्षम स्वीकृति, पंचायत बैठकों के अनुमोदन और जिला कलेक्टर से भूमि परिवर्तन की अनुमति के जारी किए गए।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लाभार्थियों से मिलीभगत कर आपराधिक षड्यंत्र के तहत यह कृत्य किया, जो प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध पाया गया। अनुसंधान के बाद पंचायत राज विभाग जयपुर से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
एसीबी ने पूर्व सरपंच बंशीलाल कुम्हार सहित लाभार्थी पट्टाधारियों फूलसिंह, मानसिंह चौहान, मांगीलाल, दिलीपसिंह राठौड़ और कालूलाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं एवं भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत चालान विशिष्ट न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय उदयपुर में पेश किया। उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण से जुड़े अन्य मामलों में पूर्व में भी कुछ आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है।
