पुलिस कस्टडी मौत : पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
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परिजनों को संविदा नौकरी और 27.50 लाख मुआवजा
चार दिन के धरने और नेताओं की मौजूदगी के बाद प्रशासन ने समझौता किया
डूंगरपुर, 1 अक्टूबर (उदयपुर डेस्क): जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र में चोरी के आरोप में गिरफ्तार दिलीप अहारी (22) की पुलिस कस्टडी में मौत ने चार दिन तक माहौल तनावपूर्ण बना दिया। मंगलवार को उदयपुर अस्पताल में दिलीप की मौत के बाद परिजन और आदिवासी समाजजन जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठ गए। नारेबाजी, सड़क जाम और भीड़भाड़ ने हालात और बिगाड़ दिए।
धरने के दौरान प्रशासन, नेताओं और परिजनों के बीच लगातार वार्ता हुई। भारत आदिवासी पार्टी और भाजपा के कई नेता मौके पर मौजूद रहे, जिनमें बीएपी सांसद राजकुमार रोत, विधायक उमेश डोमार, भाजपा सांसद मन्नालाल रावत, प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी सहित अन्य शामिल थे। कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा और जिला अध्यक्ष वल्लभराम पाटीदार भी धरना स्थल पहुंचे। दो दिन तक चली वार्ता के बाद तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी: मृतक के पिता को गार्ड की नौकरी, छोटे भाई को संविदा नियुक्ति और परिवार को 27 लाख 50 हजार रुपये का मुआवजा।
एसपी मनीष कुमार ने कस्टडी मौत के मामले में दोवड़ा थाना सीआई तेजकरण सिंह चाहरण, जांच अधिकारी हेडकांस्टेबल सुरेश भगोरा, देवसोमनाथ चौकी प्रभारी वल्लभराम पाटीदार और कांस्टेबल पुष्पेंद्रसिंह व माधवसिंह को निलंबित कर रिजर्व लाइन भेजा।
चार दिन चला धरना
चार दिन तक कलेक्ट्री परिसर में भारी भीड़ जुटी रही। आदिवासी समाजजन परिजनों के पक्ष में सड़क जाम और नारेबाजी करते रहे। मंगलवार रात से बुधवार देर शाम तक नेताओं और प्रशासन के बीच लगातार वार्ता हुई। समझौते के बाद ही धरना समाप्त हुआ और शव का पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार किया गया।
यह रहा घटनाक्रम
शुक्रवार: चोरी के आरोप में दिलीप अहारी गिरफ्तार।
शनिवार-रविवार: कस्टडी में तबीयत बिगड़ी, उदयपुर रेफर।
मंगलवार: इलाज के दौरान मौत, जिला मुख्यालय पर हंगामा।
मंगलवार रात–बुधवार: लंबी वार्ता।
बुधवार शाम: समझौता, धरना समाप्त, अंतिम संस्कार।
