चित्तौड़गढ़ में वोटर लिस्ट पर सियासी संग्राम
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कांग्रेस का आरोप— बीएलओ बिना घर जाए नाम काट रहे, विधायक बोले हार की हताशा
चित्तौड़गढ़, 15 जनवरी : चित्तौड़गढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत ड्राफ्ट प्रकाशन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शहर और ग्रामीण इलाकों में बीएलओ घर-घर सत्यापन किए बिना ही मतदाताओं के नाम काट रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है, ताकि पुराने और स्थायी वोटरों को सूची से बाहर किया जा सके।
इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन व विधायक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई ऐसे परिवार हैं जिनकी तीन पीढ़ियां लगातार मतदान करती आ रही हैं, फिर भी उनके नाम हटाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही फर्जी आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज कराकर चुनिंदा वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई तो पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी। वहीं विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अपनी लगातार चुनावी हार से उबर नहीं पाए हैं और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। विधायक ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या काटने की प्रक्रिया पूरी तरह निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत होती है।
प्रशासन की ओर से एसडीएम बीनू देवल ने बताया कि 28 अक्टूबर से 14 जनवरी तक ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज की गई हैं। चित्तौड़गढ़ विधानसभा से 533, कपासन से 270, बेगूं से 364, निंबाहेड़ा से 285 और बड़ीसादड़ी से 245 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। सभी का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
