सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रो. मिश्रा की मुश्किलें जारी
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सुखाड़िया विश्वविद्यालय की पूर्व कुलगुरु पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
उदयपुर, 9 दिसम्बर: सुखाड़िया विश्वविद्यालय की पूर्व कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा ने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उनके ऊपर से मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। संभागीय आयुक्त की जांच में उनके खिलाफ 18 लाख रुपए की अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, वहीं वित्तीय जांच में 26 लाख रुपए की लोकल ऑडिट निकाली गई है। जांच में स्पेशल अलाउंस, डेपुटेशन अलाउंस, लीव अलाउंस और पेंशन फंड में अनियमितता पाई गई है।
वरिष्ठ प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारियों द्वारा अंतिम मूल्यांकन जारी है। यदि सभी अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो संबंधित राशि वसूली जाएगी। प्रो. मिश्रा ने आरोपों को अनुचित बताया है और उनका दावा है कि उठाई गई राशि नियमानुसार थी।
गौरतलब है कि प्रो. मिश्रा को निजी कॉलेज में दिए गए एक बयान के कारण विवाद का सामना करना पड़ा था। उन्होंने अकबर और औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताते हुए अपनी राय व्यक्त की थी, जिससे स्टूडेंट यूनियन, करणी सेना और शिक्षक संगठनों ने विरोध जताया और अंततः उन्हें कुलगुरु पद से इस्तीफा देना पड़ा।
