राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025: उदयपुर में 53,000 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
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दो दिन में 10,000 पदों के लिए आयोजित होगी परीक्षा
उदयपुर। 12 सितम्बर
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 के लिए उदयपुर में पूरी तैयारी पूरी हो चुकी है। यह परीक्षा 13 और 14 सितम्बर को 10,000 पदों के लिए आयोजित की जाएगी। उदयपुर में कुल 53,000 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 13 सितम्बर को पहली पाली में लगभग 13,000 और 14 सितम्बर को दो पारियों में 20-20 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। शहर में कुल 100 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 13 को 38 और 14 को 62 केंद्र सक्रिय रहेंगे।
मेहंदी और रंग लगे हाथ
एडिशनल एसपी सिटी उमेश ओझा ने बताया कि हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त पुलिस जाब्ता और अधिकारियों की तैनाती की गई है। अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग और बायोमेट्रिक पहचान होगी। दोनों हाथों पर मेहंदी या रंग लगे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड और पहचान पत्र जैसे आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी अनिवार्य हैं।
ड्रेस कोड और परीक्षा सामग्री पर प्रतिबंध
पुरुष अभ्यर्थी पेंट-पायजामा और आधी आस्तीन की शर्ट पहनेंगे, जबकि महिला अभ्यर्थी सलवार-सूट, साड़ी या कुर्ता ब्लाउज पहनेंगी। मोबाइल, घड़ी, बैग, किताब या अन्य उपकरण परीक्षा केंद्र में लाना सख्त मना है। केवल नीली या काली स्याही वाला पारदर्शी बॉल पेन इस्तेमाल होगा।
नकल रोकने के लिए सख्त प्रावधान
राजस्थान पुलिस ने एसओजी और जिला पुलिस के माध्यम से ऑनलाइन व ऑफलाइन निगरानी सुनिश्चित की है। अनुचित गतिविधि पाए जाने पर 10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना और 10 साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। दोषी अभ्यर्थी आगे की दो परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय पर पहुंचने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
यात्री भार बढ़ा तो उदयपुर आगार बढ़ाएगा अतिरिक्त बस
पुलिस भर्ती में भारी संख्या में अभ्यर्थियों के उदयपुर आने को लेकर उदयपुर आगार के मुख्य प्रबंधक हेमन्त शर्मा का कहना है कि यात्री भार बढ़ा तो अतिरिक्त बस लगाएंगे। हालांकि पहले से कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की है। उदयपुर आगार में पर्याप्त बस हैं।
विभिन्न समाज करते है अभ्यर्थियों के खाने और रहने का बंदोबस्त
उदयपुर में जब कभी बड़ी संख्या में भर्ती चलती है तो विभिन्न समाज अभ्यर्थियों को रहने तथा भोजन का व्यवस्था करते हैं। पूर्व में भी विभिन्न संस्थाएं, समाज इस कार्य में बढ़—चढ़कर सेवा कार्य करते दिखाई दिए थे।
