LOADING

Type to search

अब राजस्थान बन जाएगा देश का प्रमुख ‘परमाणु ऊर्जा स्रोत’

Local

अब राजस्थान बन जाएगा देश का प्रमुख ‘परमाणु ऊर्जा स्रोत’

Share

राजस्थान में द्वितीय आणविक बिजलीघर का बांसवाड़ा के माही क्षेत्र में 25 सितम्बर को शिलान्यास करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
राजस्थान के खंडेला में यूरेनियम के खनन की तैयारी, उदयपुर के उमरा व बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी और भूकिया में यूरेनियम के भंडार

उदयपुर, 23 सितम्बर: विकसित भारत 2047 के विज़न के साथ अब राजस्थान जल्द ही देश का प्रमुख परमाणु ऊर्जा स्रोत बनने की ओर बढ़ रहा है। सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र में मिले विशाल यूरेनियम भंडार की खनन तैयारी चल रही है, वहीं उदयपुर के उमरा और बांसवाड़ा के आनंदपुरी व भूकिया में मिले हैं। यूरेनियम भंडार से प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितम्बर को बांसवाड़ा के माही क्षेत्र में प्रदेश के दूसरे परमाणु बिजलीघर की आधारशिला रखेंगे।
वर्तमान में देश में 24 परमाणु रिएक्टर 8080 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहे हैं। राजस्थान में 7वीं इकाई जुड़ने के बाद यह क्षमता 9480 मेगावाट और आठवीं इकाई जुड़ने के साथ 10,180 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। रावतभाटा में पहले से 1780 मेगावाट की बिजली उत्पादिक की जा रही है। आठवीं योजना के जुड़ने के साथ यह 2480 मेगावाट हो जाएगी। बांसवाड़ा में नये न्यूक्लियर प्लांट में 2800 मेगावाट बिजली उत्पादित होगी। इसी के साथ प्रदेश 5280 मेगावाट बिजली उत्पादन के साथ देश में अव्वल हो जाएगा। हालांकि रावतभाटा में 9वीं और 10वीं यूनिट की भी योजना पर काम चल रहा है, जिनसे 1400 मेगावाट बिजली उत्पादित होगी।
बांसवाड़ा में प्रस्तावित नया न्यूक्लियर पावर प्लांट 2800 मेगावाट का होगा। इसमें 700-700 मेगावाट क्षमता वाले चार प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर लगाए जाएंगे, जो पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित होंगे। इससे न सिर्फ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।
यूरेनियम खनन में 3000 करोड़ का निवेश होगा
परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए आवश्यक यूरेनियम के भंडार सीकर के रोहिल और सलादीपुरा, खंडेला में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर खनन कार्य शुरू करेगा। एटोमिक मिनरल्स डायरेक्ट्रेट और डिपार्टमेंट ऑफ एटोमिक एनर्जी इस दिशा में विस्तृत खोज भी कर रहे हैं। इसके अलावा उदयपुर के उमरा और बांसवाड़ा के आनंदपुरी व भूकिया में भी यूरेनियम के भंडार मिले हैं। राज्यसभा सदस्य चुन्नीलाल गरासिया का कहना है कि भविष्य में राजस्थान में परमाणु बिजलीघर क्षेत्र में विकास की संभावनाएँ खुल सकती हैं। माही-बांसवाड़ा के बाद भी अन्य प्रस्तावित प्रोजेक्ट आगे बढ़ेंगे। बिजलीघर बनने से आसपास के क्षेत्रों (बांसवाड़ा आदि) में सड़क-पानी-स्वास्थ्य-शिक्षा आदि की सुविधाएँ बढ़ेंगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *