उदयपुर में खुला राजस्थान का पहला जामुन, सीताफल और आंवला प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर
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केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने किया लोकार्पित
उदयपुर, 20 जनवरी: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से कृषि से जुड़ी हर समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी इस क्षेत्र में नवाचार कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खाद्य उत्पादों की पहचान को मजबूती से स्थापित कर सकती है। इसके लिए इंक्यूबेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं।
मंगलवार को बलीचा मंडी स्थित कृषि उपज मंडी समिति परिसर में 3.44 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित राजस्थान का पहला जामुन, सीताफल और आंवला प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रसंस्करण से किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाते हुए उचित दाम भी सुनिश्चित होंगे। इसी दृष्टि से प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएम-एफएमई) जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान और छोटे व्यापारियों को इसका लाभ मिल सके।
इंक्यूबेशन सेंटर की विशेषताएं
निदेशक कृषि विपणन विभाग राजेश कुमार चौहान ने बताया कि सेंटर में फ्रूट पल्प और जूस, मसाला क्लीनिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, मसाला पेस्ट की प्रसंस्करण इकाई और एक फूड टेस्टिंग लैब स्थापित की गई है। यहां जामुन, सीताफल, आंवला के साथ मसालों का प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन होगा। यह सुविधा छोटे व्यापारियों, किसानों, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक समूहों के लिए विशेष सहयोग प्रदान करेगी।
लाभार्थियों से संवाद और प्रदर्शनी
केंद्रीय मंत्री पासवान ने पीएम-एफएमई योजना के लाभार्थियों द्वारा तैयार मिलेट्स, आइसक्रीम, जामुन बाइट्स सहित अन्य उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके साथ संवाद किया। उन्होंने सेंटर की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण करते हुए पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर शहर विधायक ताराचंद जैन, केंद्रीय सचिव अविनाश जोशी, संयुक्त सचिव देवेश देवल, अनाज मंडी अध्यक्ष राजकुमार चित्तौड़ा और फल सब्जी व्यापार संघ अध्यक्ष मुकेश खिलवानी सहित कई कृषक, व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
