राजसमंद फाइनेंसर हत्याकांड: पूर्व विधायक ने SP पर साधा निशाना, कहा–‘संदिग्ध को क्यों छोड़ा?’
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राजसमंद, 8 जनवरी: राजसमंद में फाइनेंसर हरीश जोशी हत्याकांड के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी ने कलेक्टर कार्यालय में एसपी ममता गुप्ता पर भड़ककर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और जांच में निष्पक्षता नहीं दिखाई जा रही।
कलेक्टर के सामने पूर्व विधायक का आरोप
जोशी ने कलेक्टर के चैम्बर में कहा, “एसपी साहिबा पुलिस आरोपियों से मिली हुई है, आप जांच का डायरेक्शन मत घुमाओ।” इस पर एसपी ममता गुप्ता ने जवाब दिया कि बिना सबूत किसी को हिरासत में नहीं लिया जा सकता और उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा, “मैं पहले भी कस्टडी में मौत के मामले झेल चुकी हूं।”

30 दिसंबर से लापता थे हरीश जोशी
हरीश जोशी 30 दिसंबर से लापता थे। उनके परिजनों ने 31 दिसंबर को कांकरोली थाने में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई। छह दिन तक कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान परिजनों और विधायक धर्मनारायण जोशी ने आरोप लगाया कि जांच में पुलिस की मिलीभगत हो रही है।
कुएं में मिला शव
6 जनवरी को हरीश जोशी का शव घासा थाना क्षेत्र के कुएं से मिला। इसके बाद 7 जनवरी को परिजन और पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी कलेक्टर कार्यालय में धरने पर बैठे और जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
जांच में बदलाव
मामले की जांच अधिकारी एएसआई जले सिंह से ASP महेंद्र पारीक को सौंपी गई है। इस बीच राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने पुलिस को 24 घंटे में आरोपियों का पता लगाने का अल्टीमेटम भी दिया था।
