शादी-विवाह में सीमित आभूषण, नशा व भड़का कार्यक्रम पर प्रतिबंध
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सुथार समाज ने समाज सुधार और उत्थान के लिए बैठक में लिए निर्णय
भदेसर, 28 जनवरी: जांगिड़ ब्राह्मण (सुथार) समाज की बैठक मंगलवार को आसावरा स्थित श्री विश्वकर्मा जांगिड़ ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित हुई। बैठक में चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ और नीमच जिलों के प्रतिनिधि, प्रबुद्धजन और चौखला पंच मौजूद रहे। समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और सामाजिक उत्थान को बढ़ावा देने के लिए सर्वसम्मति से कई निर्णय लिए गए।
निर्णयों के अनुसार शादी-विवाह (चिरड़ी) में केवल दो तौला सोना और 500 ग्राम चांदी ले जाया जाएगा। प्री-वेडिंग कार्यक्रम, डीजे और बैंड बंद रहेगा। दूल्हा दाढ़ी बढ़ाकर विवाह नहीं करेगा। विवाह से पहले यज्ञोपवीत संस्कार अनिवार्य होगा। मायरा में बहिन से रिटर्न गिफ्ट नहीं लिया जाएगा। भड़का कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाया गया है।
गंगोज प्रसादी में केवल एक मिठाई बनाई जाएगी और जाजम पर किसी भी प्रकार की नशे की सामग्री का वितरण निषिद्ध होगा। बर्तन या वस्त्र वितरण भी नहीं होगा। सगाई-शादी विच्छेद के मामले में सीधे कानूनी कार्रवाई के बजाय समाज के प्रबुद्धजनों के बीच वार्ता कर समाधान किया जाएगा। समाज के युवक-युवतियां केवल समाज में ही विवाह करेंगे। ये नियम 27 जनवरी से आसावरा चौखला में लागू हो गए हैं, अन्य चौखलों में अनुमोदन के बाद प्रभावी होंगे।
