मकर संक्रांति से पहले गौ ग्रास के लिए रोटियां तैयार
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सागवाड़ा में 50 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन
डूंगरपुर, 13 जनवरी: डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर में मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व गौ माता के लिए गौ-ग्रास तैयार करने की वर्षों पुरानी परंपरा का श्रद्धा और उत्साह के साथ निर्वहन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न समाजों के महिला-पुरुषों ने एकजुट होकर गौ माता के लिए रोटियां बनाईं, जिन्हें मकर संक्रांति के दिन गायों और गौ वंश को खिलाया जाएगा।
यह आयोजन सागवाड़ा के पोल का कोठा क्षेत्र में सोनियाजी मंदिर के पीछे आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार यह परंपरा पिछले करीब 50 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। इसका उद्देश्य गौ सेवा के साथ-साथ गौ वंश के स्वास्थ्य और संरक्षण का संदेश देना है।
एकता और सौहार्द का प्रतीक आयोजन
गौ-ग्रास निर्माण में सभी समाजों की सहभागिता देखने को मिली, जिससे सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश दिया गया। इस वर्ष करीब 40 किलो आटा, 5 किलो देसी घी, 8 लीटर तेल और 20 किलो गुड़ से गौ-ग्रास तैयार किया गया।
मकर संक्रांति के दिन युवा अपने वाहनों से शहर व आसपास के क्षेत्रों में खड़ी गौ माता और अन्य मवेशियों को देसी घी से चुपड़ी रोटियां गुड़ के साथ खिलाएंगे। इसके अलावा श्री उत्तम गोपाल कृष्ण गोशाला और सन्मति गोशाला में भी गौ-ग्रास अर्पित किया जाएगा।
