रूस ने पोसाइडन टॉरपीडो का सफल परीक्षण किया
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समुद्र में रेडियोएक्टिव लहरें पैदा कर तटीय इलाकों को तबाह कर सकता है
मॉस्को, 29 अक्टूबर: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि रूस ने परमाणु-संचालित पोसाइडन टॉरपीडो का सफल परीक्षण किया है। वे दावा करते हैं कि यह हथियार समुद्र में रेडियोएक्टिव लहरें (रिएक्टर-उत्पन्न प्रदूषित पानी) पैदा कर सकता है, जिससे तटीय शहर रहने लायक नहीं रह जाते। पुतिन ने पोसाइडन की ताकत रूस की सबसे शक्तिशाली मिसाइल सर्मत से भी ज़्यादा बताई।
पोत से लॉन्च होने वाला यह यंत्र स्वचालित है और अपने भीतर छोटी परमाणु-ऊर्जा यूनिट (माइक्रो-रिएक्टर) रखता है, जिससे इसे बार-बार ईंधन भरने की आवश्यकता नहीं होती और लंबी दूरी तय कर सकता है। पुतिन ने कहा कि यह तकनीकी रूप से नई सफलता है — पनडुब्बी से डिवाइस लॉन्च करना और उसमें लगे रिएक्टर को सक्रिय कर चलाना। उन्होंने यह कदम अमेरिका और नाटो के प्रति उत्तर के रूप में बताया।
न्यायिक और सैन्य विशेषज्ञों ने पोसाइडन को आधिकारिक तौर पर “प्रलयोत्तर” या मनोवैज्ञानिक हथियार बताया है — इसका उद्देश्य व्यापक तबाही के साथ-साथ विरोधी की हिम्मत तोड़ना भी है। नॉर्वेजियन नेवल अकादमी की शोधकर्ता इना होल्स्ट पेडरसन क्वाम का कहना है कि यह हथियार तब सक्रिय हो सकता है जब पहले से कोई बड़ा संघर्ष चल रहा हो।
यह घोषणा रूस के लिए हाल में दूसरी बड़ी घोषणा है — कुछ दिन पहले ही रूस ने न्यूक्लियर-पावर्ड क्रूज मिसाइल (बुरेवस्तनिक) का सफल परीक्षण करने का संकेत दिया था। पोसाइडन और बुरेवस्तनिक दोनों ही लंबी रेंज वाली और पारंपरिक प्रणालियों से अलग नई तकनीकों पर आधारित हथियार माने जा रहे हैं, जिनके वैश्विक सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन पर गहरे निहित प्रभाव हो सकते हैं।
