संदीप शर्मा की वापसी से चित्तौड़गढ़ की राजनीति में हलचल
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उदयपुर, 26 सितम्बर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने चित्तौड़गढ़ से नेता संदीप शर्मा का निष्कासन रद्द कर दिया है। राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को आदेश जारी किया। इस निर्णय में चित्तौड़गढ़ के संदीप शर्मा, सीकर के बलराम यादव, बांसवाड़ा के अरविंद डामोर और नागौर के तेजपाल मिर्धा सहित चार नेताओं का निष्कासन रद्द किया गया और उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी में शामिल किया गया।
संदीप शर्मा पूर्व नगर परिषद सभापति रह चुके हैं और उन पर यौन शोषण का आरोप लगा था, जो अदालत में लंबित था। पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। संदीप शर्मा ने बताया कि आरोप राजनीतिक दबाव में दर्ज हुए थे और मामले में कोई ठोस आधार नहीं था। पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना की मदद से उनका मामला वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं तक पहुंचा और निष्कासन रद्द हुआ।
संदीप शर्मा की पार्टी में वापसी से चित्तौड़गढ़ में राजनीतिक हलचल मची है। वे निंबाहेड़ा पहुंचे और आंजना से मिले। उन्होंने कहा कि जनता हमेशा से जानती थी कि आरोप निराधार थे। उनकी सक्रियता स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनाएगी और कांग्रेस संगठन को मजबूती देने में मदद करेगी। जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर में यह कदम पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
