11वीं के छात्रों को स्कूल छोड़ने का नोटिस
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निजी स्कूल के फैसले से अभिभावक चिंतित, 12वीं में प्रवेश पर संकट
उदयपुर, 28 नवम्बर : उदयपुर के हिरण मगरी स्थित ज्ञान मंदिर स्कूल द्वारा 11वीं कक्षा के बॉयज छात्रों को अगले सत्र से स्कूल छोड़ने के नोटिस दिए जाने से अभिभावकों में गहरी चिंता व्याप्त है। स्कूल प्रबंधन ने मौखिक रूप से कारण बताया है कि संस्था को अब पूर्णत: बालिकाओं के लिए परिवर्तित किया जा रहा है, इसलिए केवल लड़कों को स्कूल छोड़ने के लिए कहा गया है।
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि 11वीं में पढ़ रहे इन विद्यार्थियों के लिए सीधे 12वीं कक्षा में अन्य स्कूल में प्रवेश बेहद कठिन है, क्योंकि अधिकांश संस्थानों में 11वीं कक्षा में ही नई प्रवेश प्रक्रिया होती है, जबकि 12वीं में सीटें सीमित व नियम कड़े होते हैं।
ज्ञान मंदिर स्कूल में वर्तमान में 11वीं विज्ञान में 8 (4 छात्र-4 छात्राएं), वाणिज्य में 7 (4 छात्र-3 छात्राएं) और कला संकाय में 25 (13 छात्र-12 छात्राएं) अध्ययनरत हैं। नोटिस मिलने के बाद अभिभावक असमंजस में हैं कि आखिर उनके बच्चे अगले वर्ष 12वीं की पढ़ाई कहां से कर पाएंगे। विद्यालय ने किसी अन्य स्कूल के साथ ट्रांसफर या प्रवेश के लिए टाइअप भी नहीं किया है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
निजी स्कूल (आरबीएसई) संगठन के अध्यक्ष जितेश श्रीमाली का कहना है कि 8वीं या 10वीं के बाद स्कूल बदलना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन 11वीं-12वीं के बीच स्कूल बदलना छात्रों के भविष्य को जोखिम में डाल सकता है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों से शिकायत मिलने पर उन्होंने भी विद्यालय प्रबंधन से इस बारे में चर्चा की है। श्रीमाली ने कहा कि यदि विद्यालय को केवल बालिकाओं के लिए ही संचालित करना है तो यह निर्णय 10वीं के बाद लागू करना उचित होगा। 11वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को हटाना नैतिक रूप से भी सही नहीं है और इससे उनका 11वीं-12वीं का शैक्षणिक सत्र बाधित होगा। उम्मीद है प्रबंधन इस सम्बंध में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन इस निर्णय पर पुनर्विचार करे। 11वीं के बच्चों को 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने की सुविधा दे, जिससे उनके बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।
इस बीच, जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती का कहना है कि यह मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई शिकायत प्राप्त होगी, विभाग आवश्यक जांच और कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी विद्यार्थी का शैक्षणिक वर्ष खराब नहीं होने दिया जाएगा।
इधर, इस मामले में स्कूल प्राचार्य लीला पालीवाल का कहना है कि ”अभी यह पूरी तरह फाइनल नहीं है कि स्कूल को बालिका में बदला जाएं, हां—विचार चल रहा है और 11 वीं के स्टूडेंट्स के अभिभावकों की सूचना दी गई है। वह आकर मिल रहे हैं। उन्हें दोनों ही स्थितियों को लेकर जानकारी दी जा रही है।
