12 राज्यों में कल से SIR: वोटर लिस्ट अपडेट प्रक्रिया 28 अक्टूबर से 7 फरवरी तक
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नई दिल्ली, 27 अक्टूबर: बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 28 अक्टूबर से शुरू होगा और 7 फरवरी तक चलेगा। इस 103 दिन की प्रक्रिया में नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और वोटर लिस्ट में गलतियों को सुधारा जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि SIR शुरू होने से पहले ही इन राज्यों की वोटर लिस्ट फ्रीज कर दी जाएगी।
SIR के तहत वोटर लिस्ट में 18 वर्ष से अधिक उम्र के नए मतदाता जोड़े जाएंगे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिन्होंने शिफ्ट किया है, उनके नाम हटाए जाएंगे और पते या अन्य विवरणों में हुई गलतियां ठीक की जाएंगी। BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं।
इस बार SIR 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगी, जिनमें अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। खास बात यह है कि अगले साल चुनाव वाले पश्चिम बंगाल में SIR होगा, लेकिन असम में नहीं। असम में नागरिकता नियम अलग होने के कारण प्रक्रिया अलग होगी।
SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे, जिसे मतदाता को जानकारी मिलान के लिए भरना होगा। अगर किसी का नाम दो जगह है तो कटवाना होगा और यदि नाम सूची में नहीं है तो जोड़वाने के लिए फॉर्म और दस्तावेज देने होंगे। मान्य दस्तावेजों में पेंशनर कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, NRC नाम, परिवार रजिस्टर, जमीन/मकान आवंटन पत्र और आधार कार्ड शामिल हैं।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची में पिछले 21 वर्षों के बदलावों को समायोजित करना है। इसमें माइग्रेशन, मृतक वोटर का नाम हटाना, विदेशी नागरिकों को सूची से हटाना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि कोई योग्य मतदाता सूची से छूटे और कोई अयोग्य मतदाता शामिल न हो। 51 करोड़ मतदाताओं के SIR के लिए 5.33 लाख BLO और 7 लाख से अधिक BLA नियुक्त किए जाएंगे।
