जैसलमेर हादसे के बाद सख्ती
Share
डूंगरपुर में दो बसें सीज, आठ पर 78 हजार जुर्माना; बांसवाड़ा में 20 बसें सुरक्षा मानकों पर फेल
डूंगरपुर/बांसवाड़ा, 16 अक्टूबर (विजन 360 न्यूज डेस्क): जैसलमेर स्लीपर बस अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में परिवहन विभाग सतर्क हो गया है। डूंगरपुर और बांसवाड़ा में बसों की सुरक्षा जांच के विशेष अभियान के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं।
डूंगरपुर में जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर के निर्देशन में उड़नदस्तों ने बसों की गहन जांच की। यात्री सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर दो बसों को सीज किया गया, जबकि आठ बसों पर 78 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। माथुर ने यात्रियों से अपील की है कि वे ओवरलोड या छत पर सवारी वाले वाहनों में यात्रा से बचें। वहीं बांसवाड़ा में कार्यवाहक डीटीओ पंकज शर्मा के नेतृत्व में रातभर और सुबह 5 बजे से दोबारा जांच की गई। 50 में से 20 बसें सुरक्षा मानकों पर फेल पाई गईं — कई में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं थे, इमरजेंसी गेट जाम मिले और रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे थे। डीटीओ शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा की अनदेखी पर बसों के परमिट रद्द किए जाएंगे। फिलहाल विभाग ने तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर बस संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। स्थानाभाव के कारण बसों को सीज नहीं किया जा सका, पर जांच अभियान जारी रहेगा जब तक सभी बसें मानकों पर खरी नहीं उतरतीं।
उदयपुर में 35 बसों के चालान, आधा दर्जन बसें जब्त
जैसलमेर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग ने जिलेभर में सख्त जांच अभियान शुरू किया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ज्ञानदेव के निर्देश पर बुधवार सुबह से चल रही कार्रवाई में अब तक आधा दर्जन बसों को जब्त किया गया है, जबकि 35 बसों के खिलाफ चालान बनाए गए हैं।
जिला परिवहन अधिकारी नितिन बोहरा ने बताया कि यात्री सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की जांच की जा रही है। साथ ही बस निर्माण कारखानों का भी निरीक्षण कर सुरक्षा मापदंडों की जांच की जा रही है। निर्माताओं को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माणाधीन व मरम्मताधीन बसों में सभी सुरक्षा उपकरण और मानक सुनिश्चित किए जाएं। विभाग की यह कार्रवाई आगामी दिनों में भी जारी रहेगी।
