डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में घटिया निर्माण पर सख्त नाराजगी
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दीवारों में सिपेज और फंगस, मरीजों की सुरक्षा को खतरा
उदयपुर, 23 सितम्बर:: डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा भवन में लगातार पानी टपकने और दीवारों में सिपेज व फंगस जमा होने पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के कमिश्नर इकबाल खान ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने राजमेस के चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए कि एनबीसीसी के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर घटिया निर्माण और सिविल विंग में कथित भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए।
कमिश्नर ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए सबसे पहले आपातकालीन यूनिट, पुरुष एवं महिला शौचालय, ईएनटी वार्ड और स्टाफ रूम में खराब हालत देखी। उन्होंने कहा कि छह माह में बिल्डिंग रखरखाव के लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद वार्डों में गंदगी, टूटे बेसिन और फंगस फैला हुआ है। उन्होंने जल निकास सुधार और वाटर ट्रीटमेंट कराने के निर्देश दिए।
एनबीसीसी का घटिया कार्य और लिफ्ट की समस्या
मुख्य भवन में निरीक्षण के दौरान कमीशनर ने एक्सईएन से पूछा कि 2016 में शुरू हुए फेज का काम कब पूरा होगा। उन्होंने पांच मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर पर पानी टपकने और दीवारों के खराब होने पर नाराजगी जताई। लिफ्ट बंद होने पर भी फटकार लगाते हुए अस्थाई लिफ्ट बनाने के निर्देश दिए।
स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी लापरवाही
कमीशनर ने तीसरी मंजिल और नवजात शिशु वार्ड का निरीक्षण किया। दीवारों पर पान-गुटखा और गंदगी देखकर कर्मचारियों को रोज पेनल्टी वसूलने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। सेट्रल लैब में ऑफलाइन मोड पर रिपोर्ट तैयार करने पर उन्होंने डॉ प्रभास भावसार को फटकार लगाई और सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का आदेश दिया।
उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश
कमीशनर ने राजमेस अधिकारियों को कहा कि घटिया निर्माण और देरी पर एनबीसीसी के उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी जाए। पुराने और नए ठेकेदारों पर नियमानुसार पेनल्टी लगाई जाए। उन्होंने एसई को आगामी दिनों में पुनः निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया। कमिश्नर का कहना था कि अस्पताल में घटिया निर्माण और रखरखाव से मरीजों की सुरक्षा खतरे में है और इसे तुरंत सुधारना आवश्यक है।
