कुलगुरु प्रो. मिश्रा के घर पहुंचे छात्र, पुलिस से झड़प
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छात्र नेता हिरासत में, एनएसयूआई की भूख हड़ताल तीसरे दिन जारी
उदयपुर, 19 सितम्बर: मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा द्वारा मुगल शासक औरंगजेब को “कुशल प्रशासक” बताने के बयान का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। पांचवें दिन शुक्रवार को आंदोलन और उग्र हो गया।
शुक्रवार को सुबह से ही विश्वविद्यालय के आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स व लॉ कॉलेज बंद रहे। दोपहर बाद एबीवीपी छात्र नेता कुलगुरु आवास पहुंचे और गेट पर लगी नेम प्लेट पर काली स्याही पोतने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया और छात्र नेता देवेंद्र सिंह, समीर मेघवाल, नारायण सिंह और मयंक सिंह को हिरासत में ले लिया। इससे छात्रों में और आक्रोश फैल गया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप के मुखौटे पहनकर यूनिवर्सिटी गेट से प्रशासनिक भवन तक रैली निकाली। खुद को महाराणा प्रताप की सेना बताते हुए उन्होंने जोरदार नारेबाजी की और कहा कि जब तक कुलपति को पद से नहीं हटाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर एनएसयूआई की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। जिलाध्यक्ष जितेश खटीक सहित पांच कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उनका कहना है कि कुलगुरु की बर्खास्तगी तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी से मुलाकात की। उन्होंने कुलगुरु के खिलाफ लग रहे आरोपों की जांच कर रिपोर्ट राजभवन और सरकार को भेजने की मांग की। जैन ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति कर्मचारियों के साथ अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करती हैं, जिससे प्रशासनिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
अभाविप नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यह संघर्ष शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि कुलगुरु को पद से नहीं हटाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं एनएसयूआई ने भी साफ कहा कि कुलगुरु की मौजूदगी में विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित नहीं रह सकता।
भूख हड़ताल जारी
-एनएसयूआई देहात जिलाध्यक्ष जितेश खटीक, शहर जिलाध्यक्ष चिराग चौधरी व छात्र नेता अविनाश कुमावत के नेतृत्व में तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रही। आंदोलनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रवेश बंद कर दिया है और कुलगुरु को पदमुक्त करने तक अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। धरना स्थल पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन कर राज्य सरकार से मांग की गई कि कुलगुरु तुरंत इस्तीफा दें। कांग्रेस देहात जिला अध्यक्ष कचरू लाल चौधरी भी पहुंचे और छात्रों का समर्थन किया।
