सुप्रीम कोर्ट: साफ हवा का अधिकार पूरे देश के नागरिकों का
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पटाखों पर बैन सिर्फ दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं होना चाहिए
नई दिल्ली, 12 सितंबर: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली में पटाखों पर बैन के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई में कहा कि अगर दिल्ली-NCR के नागरिकों को साफ हवा का हक है, तो पूरे देश के लोग भी इससे वंचित नहीं रह सकते। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संबंधी नीति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रह सकती।
CAQM से रिपोर्ट मांगी, अगली सुनवाई 22 सितंबर
सुप्रीम कोर्ट ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा। न्यायमित्र सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने कहा कि कुलीन वर्ग प्रदूषण होने पर दिल्ली छोड़ देता है, जबकि आम नागरिक प्रभावित होते हैं। बेंच ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को CAQM से डिटेल रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया।
दिल्ली में GRAP-1 लागू, AQI उच्च स्तर पर
14 अक्टूबर 2023 से दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू किया गया था। इसके तहत होटलों व रेस्तरां में कोयला और जलाऊ लकड़ी पर प्रतिबंध है। पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों की सख्त निगरानी, सड़क निर्माण व रेनोवेशन प्रोजेक्ट्स में एंटी-स्मॉग तकनीक का उपयोग भी अनिवार्य किया गया।
AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स अब राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में 300 के ऊपर पहुंच गया है। यह स्तर खतरनाक माना जाता है और आने वाली सांस और हृदय संबंधी बीमारियों का संकेत देता है।
