नई दिल्ली, 6 अप्रैल: पर्यावरणीय सुस्थिरता, पारिस्थितिक विवेक, प्रकृति के साथ मानवीय सामंजस्य, पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान तथा पंचमहाभूत (भूमि, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के संतुलन पर आधारित भारतीय जीवनदृष्टि से ही वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान निकलेगा तथा जैव विविधता समृद्ध होगी।यह विचार विद्या भवन पॉलिटेक्निक, उदयपुर के प्राचार्य एवं पर्यावरण चिंतक डॉ. अनिल मेहता […]