कचरा फेंकने निकली किशोरी से दुष्कर्म, दोषी को 20 साल की सजा
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उदयपुर, 19 जनवरी: उदयपुर के विशेष न्यायालय (पोक्सो कोर्ट-1) ने नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी देवाराम उर्फ देवराज को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई है।
विशिष्ट लोक अभियोजक पूनमचंद मीणा ने बताया कि मामला सुखेर थाना क्षेत्र का है, जहां 24 मई 2025 को पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री कचरा फेंकने का कहकर घर से निकली और वापस नहीं लौटी। पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि पीड़िता के पिता के साथ काम करने वाला आरोपी देवाराम किशोरी को बहला-फुसलाकर डेगाना नागौर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध कुल 12 गवाह पेश किए, जिनमें पीड़िता, उसके माता-पिता और चिकित्साधिकारी शामिल थे। इसके अतिरिक्त कोर्ट में 29 दस्तावेजी साक्ष्य (सबूत) पेश किए गए, जिनमें पीड़िता का जन्म प्रमाण पत्र, डीएनए रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट प्रमुख रहे। विशिष्ट न्यायाधीश अरुण जैन ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी माना और 20 साल के कठोर कारावास तथा 1 लाख 75 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को 5 लाख रुपए प्रतिकर राशि बतौर क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया।
