आत्महत्या के लिए विवश करने वाले आरोपी को दस वर्ष की कैद
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एडीजे कोर्ट का निर्णय
बांसवाड़ा, 16 अक्टूबर(विजन 360 न्यूज डेस्क): अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंदिरा बनेरा ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और आत्महत्या के लिए विवश करने वाले आरोपी को दस वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मृतका युवती के पिता ने 5 जनवरी 2020 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी कि उसकी बेटी शारदा काॅलोनी में रहकर गोविंद गुरु काॅलेज में पढ़ रही थी। 30 दिसंबर को सायं करीब 5 बजे वह घर से बिना बताए कहीं चली गई। काफी तलाश के बाद भी कुछ पता नहीं चला। एक जनवरी को युवती की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 5 जनवरी को सुबह बेटी की लाश काॅलोनी के समीप एक कुएं में मिली। सूचना पर पुलिस पहुंची। रिश्तेदारों की मदद से लाश को कुएं से बाहर निकलवाया। रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। अनुसंधान में सामने आया कि संजय पुत्र गटू निवासी भीलवन के साथ मृतका के प्रेम संबंध थे। शादी करने का झांसा देकर यौन शोषण के बाद शादी से इनकार करने से युवती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी संजय को दोषी माना। उसे भादंसं की धारा 306 के तहत दस वर्ष की कैद और 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
