मानसून की मेहरबानी से झील-तालाब लबालब
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पेयजल संकट से मिली मुक्ति, कृषि सिंचाई को भी भरपूर पानी
उदयपुर, 23 सितम्बर: इस बार मानसून ने उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों पर खूब मेहरबानी दिखाई है। लगातार हो रही बारिश से जिले की सभी झीलें, तालाब और जलाशय लबालब हो चुके हैं। नदी-नालों में अब भी पानी का बहाव जारी है और कई बांध ओवरफ्लो कर रहे हैं। इससे शहरवासियों को वर्ष भर निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।
जून में मानसून की शुरुआत कमजोर रही और बारिश अव्यवस्थित ढंग से हुई। गर्मी भी तेज बनी रही। हालांकि बाद में हुई अच्छी बारिश ने नदी-नालों को चला दिया। प्रमुख जलाशयों में भराव बढ़ने लगा और धीरे-धीरे सभी झीलें पूरी तरह लबालब हो गईं।
उदयपुर शहर की जीवनरेखा पिछोला और फतहसागर झीलें पूरी क्षमता से भर चुकी हैं। वहीं, फतहसागर और उदयसागर झील में ओवरफ्लो जारी है। केचमेंट एरिया में पर्याप्त पानी जमा होने से अब सभी वॉटर टैंक वर्ष भर की आपूर्ति के लिए तैयार हैं।
किसानों को राहत
शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस बार सिंचाई को लेकर कोई संकट नहीं रहेगा। जिले भर के जलाशय अगली कृषि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी से भर चुके हैं। किसानों को अब फसल उत्पादन के लिए पानी की कमी की चिंता नहीं करनी होगी।
उदयपुर में ओवरफ्लो चल रहे बांध
साबरमती, जोगीवड़, भूज का नाका, झाड़ोल, बक्सा का नाका, सुखेर का नाका, मामेर, कंथारिया, ओगणा, फतहसागर, डाया, आकोदड़ा, बारापाल, वल्लभनगर व ढूंडिया।
लबालब हुए बांध
गोवर्धनविलास, मादड़ी, स्वरुपसागर (पिछोला)।
जगह बारिश मिमी में (800 एमएम से अधिक)
खेरवाड़ा 1232
गोगुंदा 1185
बावलवाड़ा 1024
सेई डेम 955
वल्लभनगर 951
झाड़ोल 898
ओगणा 880
कोटड़ा 846
देवास 843
सोमकागदर 841
इनके अलावा उदयसागर, सोम पिकअप, बागोलिया, डाया, सेमारी, ऋषभदेव में सात सौ मिलीमीटर से अधिक, जबकि जयसमंद, मदार, नाई, केजड़, उदयपुर शहर में सामान्य से अधिक बारिश हुई।
