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शक्तावत परिवार में कांग्रेस की ‘घर की जंग’

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शक्तावत परिवार में कांग्रेस की ‘घर की जंग’

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देहात जिलाध्यक्ष पद को लेकर देवेंद्र, प्रीति, कुबेर और राजसिंह आमने-सामने
उदयपुर, 27 अक्टूबर: मेवाड़ की राजनीति में कभी कांग्रेस की ताकत रहे दिवंगत पूर्व गृहमंत्री गुलाबसिंह शक्तावत का परिवार अब पार्टी संगठनात्मक चुनाव को लेकर आपसी खींचतान में उलझ गया है। देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद के लिए शक्तावत परिवार के चार सदस्य — देवेंद्रसिंह, प्रीति शक्तावत, कुबेरसिंह चावड़ा और राजसिंह झाला — आमने-सामने हैं। इस स्थिति ने कार्यकर्ताओं में असमंजस और गुटबाजी गहराने का माहौल बना दिया है।
गुलाबसिंह शक्तावत वल्लभनगर क्षेत्र में कांग्रेस की एकता का प्रतीक रहे। वे कई सालों तक विधायक रहे और कांग्रेस सरकार में गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री भी रहे। उनके निधन (2007) के बाद पुत्र गजेंद्रसिंह विधायक बने और छोटे पुत्र देवेंद्रसिंह भींडर नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर रहे।


विधानसभा टिकट और पारिवारिक खींचतान
गजेंद्रसिंह के निधन के बाद परिवार की राजनीतिक राहें अलग हो गईं। 2018 में पार्टी ने प्रीति शक्तावत को विधानसभा टिकट दिया और वे जीत गईं। लेकिन बीते चुनाव में टिकट मिलने के बावजूद वे हार गईं। इस बीच देवेंद्र, राजसिंह और कुबेर भी जिलाध्यक्ष पद और विधायक पद के लिए दावेदारी रखते रहे। हाल ही में संगठन सृजन अभियान के दौरान प्रीति ने जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश करते हुए राजसिंह और कुबेर पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

गुटबाजी का नया मोड़
सूत्रों के अनुसार प्रीति गहलोत गुट, राजसिंह सीपी जोशी खेमे से जुड़े हैं, जबकि कुबेर के अपने समर्थक हैं। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यदि पार्टी इनमें से किसी एक को जिलाध्यक्ष बनाती है, तो गुटबाजी और गहराने की संभावना है।
अन्य दावेदार और पार्टी की स्थिति
वर्तमान जिलाध्यक्ष कचरूलाल चौधरी, विवेक कटारा, रामलाल गायरी, सुरेश सुथार, कौशल नागदा, लालसिंह झाला और पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया सहित एक दर्जन से अधिक नेता भी इस चुनाव में दावेदारी रखते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता एआईसीसी के निर्णय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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