भील राष्ट्र की मांग राष्ट्र विरोधी
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मेवाड़ विकास मंच की कड़ी प्रतिक्रिया
उदयपुर, 14 जनवरी : भीलीस्तान अथवा भील प्रदेश के नाम से राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कई जिलों को शामिल कर अलग राष्ट्र की मांग को लेकर चल रही गतिविधियों पर मेवाड़ विकास मंच ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
मेवाड़ विकास मंच के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. करण सिंह मोगरा एवं प्रदेश महामंत्री कुंवर विजय सिंह कच्छवाहा ने इस मांग को राष्ट्र विरोधी बताते हुए इसकी घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि अलग भील राष्ट्र की परिकल्पना देश की एकता और अखंडता के विरुद्ध है। डूंगरपुर-बांसवाड़ा के सांसद राजकुमार रोत द्वारा इस मुद्दे पर भील समाज को संगठित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 11 जनवरी 2026 को ‘भील कंट्री’ के नाम से एक नक्शा प्रसारित किया गया, जिसकी चारों ओर आलोचना हो रही है।
मंच ने इसके प्रत्युत्तर में चहुंमुखी विकास के उद्देश्य से पृथक मेवाड़-वागड़ राज्य की मांग को उचित बताया है। उनका कहना है कि छोटे राज्यों की परिकल्पना के माध्यम से विकास को गति दी जा सकती है, जबकि अखंड भारत की भावना को बनाए रखना सर्वोपरि है।
