सर्व समाज ने निकाली कुलगुरु के विरुद्ध रैली, छात्रों और पुलिस में धक्का-मुक्की
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उदयपुर, 20 सितम्बर: मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी (एमएलएसयू) में कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को ‘कुशल प्रशासक’ बताने के बयान को लेकर विरोध-प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। शनिवार को बेकनी पुलिया से बड़ी संख्या में सर्व समाज के प्रतिनिधियों सहित एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ता रैली के रूप में प्रशासनिक भवन पहुंचे और कुलगुरु को तुरंत पद से हटाने की मांग की।
जैसे ही भीड़ प्रशासनिक भवन की ओर बढ़ी, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और प्रशासनिक भवन का मुख्य चैनल गेट बंद कर सुरक्षा घेराबंदी कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने कुलगुरु के आवास पर भी जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक कुलगुरु को हटाया नहीं जाता, यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा और मंत्री जोगाराम पटेल के उस बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कुलगुरु को केवल माफी मांगने तक सीमित करने की बात कही थी।
इस बीच, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल भी जारी रही। हड़ताल पर बैठे छात्रों में से एक कैलाश की तबीयत बिगड़ने पर उसे 108 एम्बुलेंस से एमबी हॉस्पिटल ले जाया गया। इससे छात्रों में और आक्रोश फैल गया और उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है। सर्व समाज और छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कुलपति के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा। विश्वविद्यालय का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और भारी पुलिस बल की तैनाती से कैंपस छावनी में बदल गया है।
गहलोत ने तुड़वाया अनशन
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार शाम यूनिवर्सिटी पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को समझाकर अनशन तुड़वाया। इससे पहले भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी शनिवार सुबह छात्रों से अनशन तोड़ने की अपील की थी। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा था कि निर्णय में देरी हो सकती है, भूखे कब तक रहेंगे।
