पूर्व राजपरिवार ने जगदीश मंदिर पर अवैध कब्जे और कार्यक्रमों का किया विरोध
Share
डूंगरपुर, 4 अक्टूबर: पूर्व राजपरिवार के सदस्य हर्षवर्धन सिंह ने श्री जगदीश मंदिर को श्री लक्ष्मण देव स्थान निधि की निजी संपत्ति बताते हुए कहा कि इस पर कब्जा जमाने वाले और अधिकार जताने वाले लोग अवैध हैं। उन्होंने 7 और 8 अक्टूबर को मंदिर की छतरी में आयोजित स्मृति महोत्सव, पादुका प्रतिष्ठा और चादर भंडारा उत्सव को भी अवैध करार दिया।
हर्षवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि पहले राधा कृष्ण महाराज को पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन उनकी अवैध गतिविधियों के कारण उन्हें हटाया गया। अब उनके शिष्य लवकुश शरण ने मंदिर पर अवैध कब्जा जमा लिया है। रामबोला मठ के महंत शिवशंकर दास ने भी लवकुश शरण को महंत न मानते हुए कार्यक्रम को अवैध बताया। इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस को शिकायत दी गई है।
