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‘गांधीजी से गांधी परिवार का कोई लेना-देना नहीं’

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‘गांधीजी से गांधी परिवार का कोई लेना-देना नहीं’

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मनरेगा को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही, संशोधन बिल पारित हो चुका: सांसद सीपी जोशी
चित्तौड़गढ़, 13 जनवरी:
महात्मा गांधी नरेगा योजना के नाम में बदलाव को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है और ग्रामीणों के बीच बेवजह भ्रम फैलाया जा रहा है।
सांसद जोशी ने स्पष्ट किया कि मनरेगा योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – जी राम जी” किया गया है। इसमें किए गए संशोधन पूरी तरह गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के हित में हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संशोधन बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लोकसभा में पेश किया गया था, जिसे विधिवत रूप से पारित भी किया जा चुका है।
कांग्रेस के आरोप निराधार
सीपी जोशी ने कहा कि कांग्रेस यह प्रचार कर रही है कि नई व्यवस्था से रोजगार नहीं मिलेगा, जबकि सच्चाई इसके उलट है। कांग्रेस शासनकाल में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी और मजदूरों को पूरी मजदूरी तक नहीं मिल पाती थी।
मोदी सरकार में बढ़ा बजट और अवसर
उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने इस योजना के लिए कई गुना अधिक बजट आवंटित किया है। श्रम दिवस बढ़े हैं और रोजगार के अवसर भी ज्यादा मिले हैं। यूपीए काल में जहां 45 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार मिला था, वहीं मोदी सरकार में यह आंकड़ा बढ़कर 56 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
आत्मनिर्भर गांवों पर जोर
जोशी ने कहा कि अब योजना के तहत सिर्फ मजदूरी नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। सभी कार्यों की जियो टैगिंग और कड़ी निगरानी से पारदर्शिता बढ़ेगी। जल संरक्षण, तालाब, सड़क, गोदाम, कैटल शेड, पुस्तकालय भवन और सोलर लाइट जैसे कार्यों से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। अंत में उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने केवल गांधी नाम का उपयोग किया, जबकि गांधीजी के आदर्शों को मोदी सरकार ने वास्तव में धरातल पर उतारने का काम किया है।

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