राज्यपाल बोले – सोनिया गांधी ने कई साल तक नागरिकता नहीं ली, फिर भी वोटर लिस्ट में नाम आया
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पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फूटने को बताया राष्ट्र विरोधी सोच; बोले— धर्म पर आंख उठाकर देखना बर्दाश्त नहीं करेंगे
बांसवाड़ा, 4 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने सोमवार को बांसवाड़ा में दिए अपने संबोधन में नागरिकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों को राष्ट्र के आदर्शों, परंपराओं और प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए, तभी वे सच्चे अर्थों में देश के नागरिक कहलाएंगे।
गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय और वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ हिंदू एकेडेमिशियंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘राष्ट्रीय एकात्मता: विविधता में एक चेतना’ विषयक संगोष्ठी में बागड़े ने कहा— “मैंने पेपर में पढ़ा है कि माननीय सोनिया गांधी ने कई सालों तक भारतीय नागरिकता नहीं ली, लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में डाल दिया गया। यह उचित नहीं है। जो व्यक्ति किसी राष्ट्र में छह महीने से अधिक रहे, उसे वहां की नागरिकता लेनी चाहिए।”
राज्यपाल ने आगे कहा कि क्रिकेट में जब पाकिस्तान जीतता है तो भारत में कुछ जगह पटाखे फूटते हैं। उन्होंने सवाल किया— “आखिर क्यों फूटते हैं पटाखे? यह राष्ट्र की संकल्पना में नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि एक देश का खाना और दूसरे देश का गाना गाने वाला सच्चा नागरिक नहीं हो सकता। हर नागरिक को अपने देश की एकता और अखंडता के प्रति निष्ठावान होना चाहिए।
अपने उद्बोधन में बागड़े ने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की जनता ने दृढ़ इच्छा शक्ति से अपना देश बनाया। “इजराइल तीनों ओर से शत्रु राष्ट्रों से घिरा है, एक ओर समुद्र है, फिर भी वे डरते नहीं। यह उनके आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है,”
भारत का इतिहास गौरवशाली
बागड़े ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास और संस्कृति इतनी मजबूत है कि कोई इसे मिटा नहीं सकता। उन्होंने युवाओं से अपनी परंपराओं और विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया। धर्म की व्याख्या करते हुए कहा— “धर्म केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। हमारे धर्म पर कोई आंख उठाकर देखेगा तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। राज्य सरकार ने धर्मांतरण रोकने के लिए अच्छा कानून बनाया है।”
राज्यपाल ने भारतीय जीवन दर्शन और प्रकृति के प्रति आदर भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि वृक्ष हमें ऑक्सीजन देते हैं, इसलिए हमने उनकी पूजा करने की परंपरा शुरू की। उन्होंने कहा कि भविष्य का भारत कर्तव्य, मूल्य और संस्कृति की मजबूत नींव पर ही टिका रहेगा।
