आदिवासी बेटियों की हॉकी उड़ान
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उदयपुर के काया स्कूल से नेशनल टीम तक का गौरवपूर्ण सफर
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 28 फरवरी: उदयपुर जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र काया से निकली छात्राएं अब राष्ट्रीय हॉकी पटल पर अपनी पहचान बना रही हैं। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, काया (गिर्वा) की आदिवासी छात्राएं सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देशभर के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभर रही हैं।
जाड़ाअडुआ गांव की 14 वर्षीय छात्रा वसु मीणा अंडर-14 नेशनल हॉकी टीम की सदस्य बनकर न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे उदयपुर और राजस्थान का नाम रोशन कर चुकी हैं। वसु की यह सफलता आदिवासी अंचल की बेटियों के लिए नई उम्मीद जगाती है। इसके अलावा काया पंचायत की बसंती मीणा—प्रथम, बसंती मीणा—द्वितीय, थावरी मीणा, कैलाश गमेती, हकरी और अंजना मीणा सहित दर्जन भर छात्राएं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं।

विद्यालय के समर्पित खेल शिक्षक घनश्याम खटीक ने बताया कि सत्र 2024 में वसु मीणा ने राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व किया। इससे पूर्व बसंती मीणा (प्रथम) 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग में कई बार राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। अन्य छात्राओं ने भी दो-दो बार नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कई बार जिला स्तर पर टीम ने 14, 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त किया। खेल के साथ-साथ शिक्षा पर जोर देने के कारण इस स्कूल से निकली एक दर्जन से अधिक छात्राएं अब पशु चिकित्सक, पुलिस कांस्टेबल और शिक्षक बनकर राज्य और राष्ट्र सेवा में योगदान दे रही हैं। काया विद्यालय की यह कहानी साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और अवसर मिलने पर आदिवासी अंचलों की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ा सकती हैं।
