सुविवि कुलगुरु सुनीता मिश्रा के अब लौटने की उम्मीद खत्म
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उपार्जित अवकाश गईं, प्रो. सारस्वत को मिला अतिरिक्त चार्ज
उदयपुर, 14 अक्टूबर: मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा का आना अब असंभव है। एक माह के अवकाश पर गई कुलगुरु अब उपार्जित अवकाश पर चली गईं। जिसके बाद कुलाधिपति एवं राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने इस विश्वविद्यालय के कुलगुरु का अतिरिक्त चार्ज कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत को सौंप दिया।
राज्यपाल बागड़े ने रविवार को अकाउंटिंग कान्फ्रेंस में एक तरह से संकेत दे दिए थे। सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के बयान को लेकर उन्होंने कहा था, ” जिसने संभाजी के टुकड़े किए, मंदिर तोड़े वह औरंगजेब कैसे कुशल प्रशासक हो सकता है।” जबकि प्रो. मिश्रा ने दो महीने पहले एक निजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताया था। उनके इस बयान को लेकर एनएसयूआई और एबीवीपी दोनों छात्रसंघ विरोध पर उतर गए और आंदोलन करने लगे। इसके बाद प्रो. मिश्रा अचानक अवकाश पर चली गईं, जबकि छात्र संघ के अलावा उदयपुर के अन्य संगठन भी प्रो. मिश्रा को बर्खास्त किए जाने की मांग कर रहे थे।
मंगलवार को राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी आदेशानुसार सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार कोटा यूनिवरसिटी कोटा के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत को दिया गया।
प्रो. वर्मा को एमपीयूएटी के कार्यवाहक कुलगुरु
सुखाड़िया विश्वविद्यालय की तरह ही महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार कोटा के ही वर्धमान महावीर ओपन युनिवरसिटी के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा को सौंप दिया। उदयपुर की कृषि युनिवरसिटी के कुलगुरु प्रो. अजित सिंह कर्नाटक के पिछले दिनों सेवानिवृत्त होने से यह पद खाली था। एक अन्य आदेशानुसार अजमेर की महर्षि दयानंद सरस्वती युनिवरसिटी के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल को जोधपुर की जयनारायण व्यास युनिवरसिटी के कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
