प्राइवेसी उल्लंघन पर द लीला पैलेस उदयपुर पर 10 लाख का हर्जाना
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उपभोक्ता आयोग का फैसला, कपल को मुआवजा व रूम किराया लौटाने के निर्देश
उदयपुर, 9 जनवरी: मेहमानों की निजता के उल्लंघन के मामले में चेन्नई (उत्तर) जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने द लीला पैलेस उदयपुर के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने होटल प्रबंधन को चेन्नई के एक कपल को ₹10 लाख का हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। यह मामला 26 जनवरी 2025 का है, जब कपल ने पिछोला झील के पास स्थित होटल में एक रात ठहरने के लिए ₹55,500 में “ग्रैंड रूम विद लेक व्यू” बुक किया था।
शिकायत के अनुसार होटल के एक हाउसकीपिंग कर्मचारी ने मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर उनके कमरे में उस समय प्रवेश किया, जब दोनों वॉशरूम में थे। कपल का आरोप है कि मना करने और चिल्लाने के बावजूद कर्मचारी कमरे में घुसा और वॉशरूम की ओर झांकने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
सेवा में गंभीर चूक मानी आयोग ने
आयोग ने इसे सेवा में गंभीर कमी और मेहमानों की निजता व सुरक्षा का उल्लंघन बताया। आयोग ने स्पष्ट किया कि होटल के आंतरिक नियम किसी भी स्थिति में मेहमानों के निजता अधिकार से ऊपर नहीं हो सकते। साथ ही, “डू नॉट डिस्टर्ब” साइन न होने के तर्क को भी खारिज कर दिया।
रिफंड व ब्याज के भी आदेश
होटल को ₹10 लाख मुआवजे के साथ 9% ब्याज सहित कमरे का किराया लौटाने और ₹10,000 मुकदमेबाजी खर्च देने के निर्देश दिए गए हैं। पूरी राशि दो माह में अदा करनी होगी।
