स्मार्ट सिटी की करोड़ों की सीसी सड़कें बन गईं जानलेवा
Share
फिसलन और खराब सतह से राहगीर और वाहन सवार दोनों खतरे में
उदयपुर, 21 जनवरी (राजेश वर्मा): स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सिटी वॉल के अंदर 17 वार्डों में करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई सीसी सड़कें अब खतरनाक स्थिति में हैं। पैदल चलने वाले लोग फिसलकर गिर रहे हैं, तो दुपहिया वाहन हल्का ब्रेक लगाने मात्र से स्लीप होकर पलट रहे हैं, जिससे पीछे बैठी सवारी सिर के बल गिरकर चोटिल हो रही है। कुछ मामलों में वाहन चालक भी गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
केंद्र सरकार ने उदयपुर को स्मार्ट सिटी योजना में चयनित करते हुए 1250 करोड़ से अधिक राशि जारी की। इस परियोजना में सत्रह वार्डों में सीवरेज लाइन बिछाना, भूमिगत विद्युत और पानी लाइन, बरसाती नाली का निर्माण और वॉल-टू-वॉल सीसी सड़क निर्माण शामिल था। निर्माण के समय सड़क के भविष्य में होने वाले दुष्प्रभावों पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया।
सड़क पर लगातार हजारों वाहनों के आने-जाने और बार-बार ब्रेक लगाने के कारण सीसी सड़क की ऊपरी सतह पर फिसलन पैदा हो गई। पैदल चलने वाले लोग जूते-चप्पल खिसकते ही गिर रहे हैं, जबकि दुपहिया वाहन चालक हल्का ब्रेक लगाते ही वाहन स्लीप होकर पलट जाते हैं और पीछे बैठी सवारी गंभीर चोटिल हो रही है।
मुखर्जी चौक के मोहम्मद आजम खान का कहना है कि “मुखर्जी चौक से सिंधी बाजार जाने वाला मार्ग अब लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गया है। सड़क की सतह इतनी चिकनी हो गई है कि दुपहिया वाहन चालक रोज गिरकर घायल हो रहे हैं। महिलाएं भी कई बार गिर चुकी हैं और गंभीर चोटें आई हैं।”
गणेशघाटी के राजेश सनाढ्य का कहना है, “घाटी क्षेत्र की सीसी रोडें खतरनाक हो गई हैं। ढलान उतरते समय वाहन पर नियंत्रण करना मुश्किल हो गया है। ब्रेक लगे होने के बावजूद दुपहिया वाहन नीचे फिसलते हैं और ऊपर से आने वाले वाहन से टकरा जाते हैं।”
अमल का कांटा निवासी पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया, “घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी फैलने से सड़क फिसलन भरी हो जाती है, जिससे रोजाना हादसे हो रहे हैं।”
निगम अधिकारी बोले, किए जा रहे उपाय
नगर निगम की अधिशासी अभियंता शशिबाला सिंह ने कहा कि “यह सही है कि सीसी सड़कें चिकनी हो चुकी हैं। जहां सूचना मिलती है, वहां उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन घनी आबादी वाले क्षेत्रों में फिसलन और सड़क की खराब स्थिति अभी भी गंभीर है।” इधर, विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्ट सिटी की इन सड़कों पर तत्काल सुधार, सतत निगरानी और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। अन्यथा सड़क पर पैदल और वाहन सवार दोनों के लिए स्थिति और अधिक जानलेवा हो सकती है।
