नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया नए रेल परियोजना का रास्ता साफ
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भूमि अवाप्ति प्रक्रिया पूरी
उदयपुर, 8 नवम्बर (राजेश वर्मा): राजसमंद जिले में प्रस्तावित नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया विशेष रेल परियोजना के लिए भूमि अवाप्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है। संबंधित खातेदारों ने इस प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, जिससे रेल लाइन बिछाने का मार्ग अब पूरी तरह से साफ हो गया है। प्राधिकारी अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है।
रेल मंत्रालय द्वारा जून 2025 में नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया गेज परिवर्तन परियोजना के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। अधिसूचना के बाद प्राधिकारी अधिकारी नियुक्त किए गए और भूमि अवाप्ति प्रक्रिया शुरू की गई। निर्धारित समयावधि में खातेदारों ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अब रेल मंत्रालय सक्षम प्राधिकारी अधिकारी के माध्यम से आवश्यक भूमि अवाप्ति कार्य करेगा।
अवाप्ति की जाने वाली भूमि में ज्यादातर सरकारी है, जबकि शेष भूमि निजी और विभिन्न विभागों के अधीन है। देवगढ़ तहसील क्षेत्र के गांव: झाला का खेड़ा, कुवांथल, दोलाजी का खेड़ा और मोवना क्षेत्र से रेल परियोजना गुजरेगी।
परियोजना का दायरा और लागत
नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया रेल लाइन 82 किलोमीटर लंबी है, जिसका अनुमानित लागत 969 करोड़ रुपए है। गेज परिवर्तन कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र का जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, अहमदाबाद और मुंबई सहित देश के प्रमुख शहरों से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।
मारवाड़ जंक्शन से देवगढ़ मदारिया तक नई लाइन
रेलवे ने मारवाड़ जंक्शन से देवगढ़ मदारिया वाया टोडगढ़-रावली नई लाइन के लिए फ़ाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी है। यह नई 72 किलोमीटर लंबी रेल लाइन राजस्थान के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी। फ़ाइनल लोकेशन सर्वे के लिए 11.75 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा लाभ
यह नई रेल लाइन देवगढ़ मदारिया और टोडगढ़ जैसे पर्यटन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगी। इससे ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच सुगम होगी। साथ ही, क्षेत्र के व्यापार, कृषि और स्थानीय उद्योगों के लिए भी नए परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे। रेल परियोजना के क्रियान्वयन से राजस्थान के महत्वपूर्ण पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास को बल मिलेगा। इस परियोजना का लक्ष्य न केवल यातायात सुविधा बढ़ाना है, बल्कि क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय रेल नेटवर्क से जोड़कर संभावनाओं का विस्तार करना भी है।
