महज डेढ़ मिनट की परफॉर्मेंस सोशल मीडिया पर छाई, वेब सीरीज़ ‘कोएड’ से चर्चा में आई
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थिएटर की जमीन से डिजिटल स्क्रीन की उड़ान का सफर
उदयपुर, 8 दिसम्बर: लेकसिटी में शूट हुई वेब सीरीज ‘कोएड’ 20 नवम्बर को अमेजन एमएक्स प्लेयर पर रिलीज हुई। उसका एक अंश कुछ दिनों जबरदस्त वायरल हुआ है। जिसे खबर लिखे जाने तक 3 मिलियन व्यूज के साथ तकरीबन 90 हजार लाइक्स मिल चुके हैं। कारण ढूंढे तो शायद कोई खास नहीं मिले, लेकिन उसमें लेकसिटी के रंगमंच की एक प्रतिभाशाली अदाकारा भावना मेघवाल का सीधा-सच्चा किरदार परिपक्व अभिनेत्री राजेश्वरी सचदेव के साथ नजर आएगा जो महज डेढ़ मिनिट का है।
भावना कहती हैं उक्त रोल के लिए अभिषेक सिंह ने जब इस दबी-सहमी महिला के रोल को लेकर उसे अप्रोच किया तब इस बात का कतई इल्म नहीं था कि दर्शकों को इतना पसंद आएगा। हालांकि, इसकी जानकारी दोस्तों की मार्फत जब मिली तो सहसा यकीन नहीं हुआ और हकीकत आज सबके सामने है, जाहिर है ये सब जानकर अच्छा तो लगता ही है।
भावना को रंगमंच का पाठ उसके अपने घर में माता सुमन और पिता ललेश मेघवाल के सान्निध्य में मिला जो बरसों थिएटर से जुड़े रहे। यही कारण था कि महज 9 साल की उम्र में उसने ख्यात रंगकर्मी उस्मान जहीर रिजवान द्वारा निर्देशित नाटक ‘कालीबाई’ तथा ‘तीसवीं सदी’ में चाइल्ड रोल किए। बाद में डॉ लईक हुसैन निर्देशित ‘खबसूरत बहू’ और ‘बिच्छू’ में हशमत-हमीदा, महेश नायक द्वारा निर्देशित ‘बीयर’ में शर्मिला चड्ढा तथा मुंबई में अशोक बांठिया निर्देशित नाटक ‘जलियांवाला बाग’ में भी जैसे नाटक में अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में नारायण सेवा और तारा संस्थान के कई प्रमोशनल वीडियोज में भी अहम भूमिका रही।
समय के साथ भावना के मन में एक्टिंग को ही कॅरियर बनाने की बात कुछ इस कदर जम गई कि मायानगरी मुंबई जाकर किस्मत आजमाना तय कर बैठी। यह दीगर बात है कि उसके इस फैसले को उसके माता-पिता सहित अन्य परिजनों का विरोध झेलना पड़ा।
इन सबसे परे, साल 2017 में भावना ने मुंबई पहुंचकर अभिनय क्षेत्र में किस्मत आजमाना ठाना। यहीं से ‘मेरे सांई’ एपिसोड में मां की भूमिका, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में नर्स ‘शक्ति’ में किन्नर के बाद ‘जय मां वैष्णो देवी’ सहित बेब सीरीज ‘शहर लाखोट’ में पत्रकार की पत्नी मीनू तथा संजय मिश्रा की फिल्म ‘कांचली’ में छोटी-बड़ी चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं मिलीं।
वर्तमान में एक एनजीओ के साथ सिरोही में आदिवासियों को जागरूक करने का काम भी बखूबी निर्वहन कर रही है। इसी के चलते विगत वर्षों में कई मर्तबा भावना समय निकालकर मुंबई से राजस्थान आई है। उसका मानना है कि सपने पूरे करने और रोजी-रोटी के लिए एक्टिंग और मॉडलिंग अच्छा प्लेटफॉर्म है लेकिन समाज और मिट्टी से जुड़े रहने के लिए जमीन से जुड़े लोगों के बीच रहकर उस तबके को सुकून देना मेरा संकल्प है।
भावना कहती हैं अभिनय मुझे विरासत में मिला है इसीलिए थिएटर आज भी मेरी पहली पसंद है।
